Book Title: Jyotish Granth
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Page 23
________________ Shri Mahavir Jain Aradhana Kendra www.kobatirth.org Acharya Shri Kailassagarsuri Gyanmandir रकों ने ली है। रत्नमालाअन्न 14 सामुnिan४ा१०, : PRATAPoran पूवाया। तिरे. हाराभाg" . भाल तार में मंगल कामना गया काANI राहिले गिन्न समnterta रोम, यजर, ईशाइलि. वायका औरि पूर्व महिलाओं में प्रामा Rani में भाका मप रस्ता है - - इस नाते जिस समय जिसमें कारक राहीनस समय नसशा संगरख प्रमावेशद्वारा इसका रत्नमालामालारणा है For Private And Personal Use Only

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