Book Title: Aagam Sambandhi Saahitya 04 Aagam Sootr Laghu Bruhat Vishayanukram
Author(s): Anandsagarsuri, Dipratnasagar, Deepratnasagar
Publisher: Param Anand Shwe Mu Pu Jain Sangh Paldi Ahmedabad

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Page 217
________________ आगम संबंधी साहित्य [भाग-4] उपांग-सूत्र-लघुबृहविषयानुक्रमौ [ उपांगसूत्र-३ "जीवाजीवाभिगम"] पूज्य आगमोद्धारकरी संशोधित: मुनि दीपरत्नसागरेण पुन: संकलित: उपांग+प्रकीर्णक-सूत्रस्य विषयानुक्रमः (आगम-संबंधी-साहित्य) प्रत सूत्रांक श्रीउपां. विषयानुक्रमे श्रीजीवा० विषयसूचिः यहां देखीए ||१७|| दीप क्रमांक के लिए देखीए FARSORAS १३. विजय० विजयदेववर्णनम् | १३५ बिजयदेवराजधानीवर्णनम् १३६ विजयद्वारवनखण्डभेदाः १३७ विजयदेवसभावर्णनम् १३८ माणवकस्तम्भदेवशयनीय वर्णनम् १३९ सिद्धायतनादिवर्णनम् १.४० तिर्यगधिकारे सिद्धायतनम् | १४१ बिजयदेवाभिषेकवर्णनम् १४२ विनयदेवजिनपूजावर्णनम् | १४३ बिजयदेवपरिवारस्थित्यादि वर्णनम् १४४ वैजयन्तद्वारभेदाः १४. वैजयन्तस्यान्तरभेदाः २१६ १४६ स्पर्शोत्पाटपृच्छावर्णनम् २१८, १४७ उत्तरकुरुवर्णनम् । १.४८ यमकपर्वतवर्णनम् २२६/ १.४९ नीलवद्धदादिवर्णनम् १५० काञ्चनपर्वतवर्णनम् २३० १५१ जम्बूपीठवर्णनम् २३२ १५२ जम्बूवृक्षवर्णनम् २३५/ १५३ जम्बूद्वीपे चन्द्रसूर्याधिकार२३७ वर्णनम् २५२| १५४ लवणसमुद्रवर्णनम् १५५ लवणे चन्द्रादीनां वर्णनम् २५९/१५६ लवणे वेलावृद्धिवर्णनम् २६०/ १५७ लवणे जलवृद्धौ कारणं १५८ लवणे वेलन्धरवर्णनम् २६१ १५९ वेलन्धरभेदाः २६२] १६० अनुवेलंधरराजभेदाः २८६/ १६१ गौतमद्वीपवर्णनम् ३१४ २८७१६२ जम्बूद्वीपगतचन्द्रसूर्यवर्णनम् ३१५ २९१ १६३ लवणगतचन्द्रसूर्यवर्णनम् ३१५/| १६४ धातकीखण्डगतचन्द्रसूर्यवर्णनम् ३१७ १६५ कालोदगतचंद्रसूर्यवर्णनम् , १६६ द्वीपसमुद्रवर्णनम् १६७ देवद्वीपादिचन्द्रसूर्यद्वीपादि वर्णनम् ३०३१६८ लवणे वेलन्धराद्या उच्छ्रितो ३०५ दत्वादिवर्णनम् ३०७/ १६९ लवणे चन्द्रसूर्यद्वीपादिवर्णनम् ३२१ ३०८/१७० लवणे उद्वेधोत्सेधौ वर्णनम् ३२२ ३१८ 'सवृत्तिक आगम सुत्ताणि ॥१७॥ X: ~217

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