Book Title: Jain Lekh Sangraha Part 1
Author(s): Puranchand Nahar
Publisher: Puranchand Nahar

View full book text
Previous | Next

Page 331
________________ संवत लेखांक संवत् नाम लेखांक १८२१ १८४४ १५२७ १९०५२ नाम जिनलाभ सू० जिनचन्द्र सू० वा० अमृतधर्म पा० क्षमाकल्याण) जिनचन्द्र सू १५२८ १५३१ २८४ १५४ १५५१ उ० कमलसंयम ६२७६३३ ३५८ १३८।१४४ ३३८ ३१५२७ १८४८ २८४६ १८५६ १८५५ १८६१ १८७१ १८७४ १५६२ जिनहर्ष सू० ४१४ जिनतिलक सू० पट्टे जिनराज सू० श्रीभिः जिनचंद्र सू० ८७१५२७ २६१।२६२१५२५ १५६६ २६०५२४ પ૭ १६६ १५७१ १६२ १८७१ २२४॥३३९३४० १२।३०६ ७२३ जिनसौभाग्य सू. १६०० १६०३ १६८६ जिनरत्न सू० आचार्य सिंह सू० रत्नतिलक सू० ) धा० लब्धिसेन गणि कल्याणकीर्ति जिनरंग सू. १६६।२७२ पं० हीराचंद जिनसौभाग्य सू० १७०७ १९०४ १७८० २४५ २०५ २०२ २०३ १९१० १६५७ १५०४ वा भुवनचंद्र जिनकीर्ति सू० करमचन्द हरखचन्द प्रतापसी महेंद्रसागर सू० रूपविजय उ० रत्नसुन्दरगणि कोर्युदयगणि जिनकीति सू० ३८५ वा० शुभशीलगणि १७१२३॥ १८०३ २५६०२७० धर्मसुन्दरगणि 990 उ० हीरधर्मगणि ४२५ जिनसुन्दर सू० १८४६ ४८२ जिनहर्ष सू० ४८॥१६॥ १८७६ २१६।२८१४९८ | १८७७ १८५७ १५१५ ४८०/१८२१ २०६ १५१६ ३८०

Loading...

Page Navigation
1 ... 329 330 331 332 333 334 335 336 337 338 339 340 341