Book Title: Surendra Bhakti Sudha
Author(s): Piyushbhadravijay, Jyotipurnashreeji, Muktipurnashreeji
Publisher: Shatrunjay Temple Trust
View full book text
________________
西西路西岛路海西路南岛路图图
स्तवन - २०
(राग : शास्त्रीय)
मेरो मन मोहयो, प्रभु की मूरतिया सुंदर गुण मंदिर छबी देखत, हरखित हुइ मेरी छतियां.... ॥१॥
नयन चकोर वदन शशि सोहे, मत गणुं हुं दिन रतियां.... ॥२॥
प्राण सनेही प्राण प्रियको
लागत है मिठी बतियां.... ॥३॥
अंतरयामी सब जानत हो, क्या लीख के भेजूं पतीयां... ॥४ ॥
कहे जिनहर्ष ऋषभ जिनवर की, भक्ति करू हुं बहु भतियां.... ॥५ ॥
10/08/01 26 18/09/20/201801805