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________________ ५५० संक्षिप्त प्राकृत-हिन्दी कोष दोष । परिपरिया स्त्री [दे] वाद्य-विशेष | परिपिल्ल सक [परिप्र + ईरय् ] प्रेरणा । परिपीडिय वि [परिपीडित] जिसको पीड़ा पहुँचाई गई हो वह | परिपुंगल वि [] श्रेष्ठ, उत्तम । परिपुच्छिअ परिपुट्ट वि [ परिपृष्ट ] पूछा हुआ । परिपुस सक [परि + स्पृश्] संस्पर्श करना । परिपूणग पुं [ दे. परिपूर्णांक] सुघरी नामक पक्षी का घोंसला | घी-दूध गालने का कपड़ा, छानना । परिपूर सक [ परि + पूरय् ] पूर्ण करना, भरपूर करना । परिपेच्छ सक [परि + ईक्ष ] देखना । परिपेलव वि. सुकर, सहज, आसान । अदृढ़ । निःसार । वराक, दीन । परिप्पमाण न [ परिप्रमाण ] परिमाण । परिप्पव सक [ परि + प्लु] तैरना, गोता लगाना । परिप्यवि [परिप्लुत] आप्लुत, व्याप्त । परिप्या स्त्री [ परिप्लुता ] दीक्षा - विशेष । परिष्कंद पुं [परिस्पन्द ] रचना - विशेष | सम न्तात् चलन । चेष्टा, प्रयत्न । परिप्ड वि [परिस्फुट ] अत्यन्त स्पष्ट । परफुड [ परिस्फोट ] प्रस्फोटन, भेदन | वि. फोड़नेवाला, विभेदक । परिप्फुर अक [परि + स्फुर्] चलना । परिष्फुरिअ वि [ परिस्फुरित] स्फूर्ति-युक्त । परिफासिय वि[ परिस्पृष्ट] व्याप्त । परिफुड देखो परिप्फुड = परिस्फुट । परिवहण न [ परिबृंहण] वृद्धि, उपनय । परिब्भत वि [दे] निषिद्ध, निवारित । भीरु । परिब्भंसिद (शौ) नीचे देखो । परिब्भट्ठ वि [परिभ्रष्ट ] पतित, स्खलित । परिब्भम सक [ परि + भ्रम् ] पर्यटन करना, Jain Education International परिपिरिया - परिभोग भटकना । परिब्भीअ वि [ परिभीत ] भय-प्राप्त । परिब्भूअवि [ परिभूत] पराभव प्राप्त । परिभट्ट देखो परिब्भट्ठ | परिभम देखो परिब्भम । परिभव सक [ परि + भू] पराजय करना, तिरस्कारना । परिभवंत पुं [परिभवत् ] शिथिलाचारी मुनि । परिभाअ सक [ परि + भाजय् ] बाँटना, विभाग करना । परिभाइय वि [परिभाजित ] विभक्त किया हुआ । परिभायण न [ परिभाजन ] बँटवा देना । परिभाव सक [ परि + भावय् ] पर्यालोचन करना । उन्नत करना । पार्श्वस्थ साधु, परिभावइत्तु वि [ परिभावयितृ] प्रभावक, उन्नति कर्ता । परिभावि वि [परिभाविन् ] परिभव करने वाला । संकेत | परिभास सक [ परि + भाष्] प्रतिपादन करना, कहना । निन्दा करना । परिभासा स्त्रो [परिभाषा ] तिरस्कार | चूर्णि, टीका-विशेष | परिभासि वि [परिभाषिन् ] परिभव-कर्त्ता । परिभुंज सक [परि + भुञ्ज्] खाना, भोजन करना | सेवन करना, सेवना । उपभोग में लेना । बारबार For Private & Personal Use Only परिभुंजण न [ परिभोजन | परिभोग । परिभुत वि [ परिभुक्त] जिसका परिभोग किया गया हो वह | परिभुत्त वि [परिवृत] वेष्टित, परिकरित परिभुय लपेटा हुआ, घेरा हुआ । परिभूअवि [ परिभूत] अभिभूत, तिरस्कृत । परिभोअ देखो परिभोग । परिभोग पुं. बारबार भोग । जिसका बारबार भोग किया जाय वह वस्त्र आदि । जिसका www.jainelibrary.org
SR No.016020
Book TitlePrakrit Hindi kosha
Original Sutra AuthorN/A
AuthorK R Chandra
PublisherPrakrit Jain Vidya Vikas Fund Ahmedabad
Publication Year1987
Total Pages910
LanguagePrakrit, Hindi
ClassificationDictionary & Dictionary
File Size19 MB
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