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________________ जिन सिद्धान्त ] उत्तरोत्तर समयों के द्रव्य का परिमाण निकलता है। प्रश्न--निपेकहार किसे कहते हैं ? उत्तर--गुण हानि आयाम से दूने परिमाण को निषेकहार कहते हैं। प्रश्न--चय किसे कहते हैं ? उत्तर--श्रेणी व्यवहार गणित में समान हानि या समान वृद्धि के परिमाण को चय कहते हैं । प्रश्न--मिथ्यात्व के उदय से किन २ प्रकृतियों का बन्ध होता है। उत्तर--मिथ्यात्व के उदय से १६ प्रकृति का बन्ध होता है, (१) मिथ्यात्व, (२) नपुसक वेद, (३) नरक आयु, (४) नरक गति, (५) एकेन्द्रिय जाति, (६) दो इन्द्रिय जाति, (७) तेडन्द्रिय जाति, (८) चौइन्द्रिय जाति, (६) हुएडक संस्थान, (१०) असंप्राप्तामृपाटिक संहनन, (११) नरकगत्यानुपूर्वी, (१२) आताप, (१३) स्थावर, (१४) सूक्ष्म, (१५) अपर्याप्त, (१६) साधारण । प्रश्न--सोलह प्रकृति के बन्ध में कारण कार्य सम्बन्ध कैसा होता है ? उतर-मिथ्यात्व कर्म का उदय सो कारण और तद्रूप आत्मा का मिथ्यात्वरूप भाव सो कार्य, मिथ्यात्व रूप आत्मा के भाव सो कारण और कर्म में १६ प्रकृति का
SR No.010381
Book TitleJina Siddhant
Original Sutra AuthorN/A
AuthorMulshankar Desai
PublisherMulshankar Desai
Publication Year1956
Total Pages203
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size3 MB
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