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________________ १५.] (जैनधर्म मीमांसा दुसरी प्रजाओं को पशुओं की मौत* मरना पड़ता है । संसार के सभ्य से सभ्य और शान्ति प्रिय देश पराधीन बनाये जाते हैं ! और * कांगो ( आफ्रिका ) जब बेलजियम का उपनिवेश बनाया गया तब वहाँ की चीजों के संग्रह के लिये मूल-निवासियों के साथ सस्ती की जाने लगी। अनेक प्रकार की सख्ती पर भी जब वे लोग माल नहीं लाते थे तो उनसे रबर और हाथी दाँत के रूप में टैक्स लिया जाने लगा और जब तक वे रबर या हाथी दाँत नहीं लाते थे तब तक उनकी औरतें पकड़ कर रखी जाती थीं। इसके लिये गाँवों पर सैनिकों का पहरा बैठा दिया जाता था। दिन दिन भर बेगार कराई जाती थी। रबर की मांग इतनी अधिक की जाती थी कि मूलनिवासियों को खेती करने की फुरसत भी न मिलती थी। इससे दुर्मिज्ञ फैलता था, लोग भूखों मरने लगते थे, बच्चों की मृत्यु संख्या असाधारण रूप में बढ़ जाती थी, आदमियों को देश छाड़ कर भाग जाना पड़ता था। कभी कुछ लोग उपद्रव भी कर बैठते थे तो उपद्रव दबाने के बहाने हज़ारों आदमियों को फाँसी दी जाती थी, अथवा कोई कठोर दण्ड दिया जाता था। इसी प्रकार पूर्व आफिका-में जब अच्छी ज़मीन जर्मन पूँजीपतियों को मिली तो उनने जबर्दस्ती मल निवासियों से मजदूरी कराना शुरू किया । इससे तंग होकर उनने उपद्रव कर दिया जिससे उनका बड़ी क्रूरता से दमन किया गया । सन् १८९८ में केनिया की सारी जमीन ब्रिटिश सरकारने छीन ली, और यूरोपियनों को बाँट दी । मल निवासियों
SR No.010100
Book TitleJain Dharm Mimansa 03
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDarbarilal Satyabhakta
PublisherSatyashram Vardha
Publication Year1942
Total Pages377
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size13 MB
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