Book Title: Vastupal Prashasti Sangraha
Author(s): Chandanbalashreeji
Publisher: Bhadrankar Prakashan

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Page 234
________________ ७२ ४ परिशिष्टम् [५] वस्तुपालप्रशस्तिसङ्ग्रहविशेषनामाणुक्रमणिका ॥] [२१३ मालवपति [ नृपतिविशेष ] | रामचंद्र [ प्रा० ज्ञा० श्रे०, धणचंद्रपुत्र ] ९९ मालवभूप [ नृपतिविशेष ] | रामदेव [ परमारवंशीयनृपति] मालवी [स्त्रीविशेष] राल्हा [ प्राग्वाटज्ञा० ब्रह्मदेवपुत्र ] ९८ मालवेन्द्र [ नृपविशेष] | राष्ट्रकूट [ राजवंश] १२५ मुञ्ज [ भूपति, धाराधीश] रासल [ प्राग्वाटश्रेष्ठी] मुञ्ज [ विद्वान्] १२२, १२४, १२६ राहउ [ साहु, नेमडपुत्र] १०२ मुञ्ज [ग्राम, महातीर्थ] राहड [ साहु] १०२ मुनीन्दुप्रभु [ मुनिचन्द्रसूरि, हर्षपुरगच्छीय] ४८ | रूपादेवि [ जयंतसिंहभार्या ] १०४ मुमाकीय [ ठक्कुर ?] १०९ | रेवंत [रैवतपर्वत] १४३, १४८ मुरल [ नृपविशेष] ११ | रेवंद [ रैवतपर्वत] १४९ मूढेर [ ग्राम] १५४ | रैवत [पर्वत] २६, ११६, १३६ मूलराज [ चौलुक्यनृपति प्रथम-६, १२, ४०, | रैवताद्रि [ पर्वत ] द्वितीय] ५६, ५८, १२२, १२४ | रोहडी [ग्राम] मेदपाट [ नृपविशेष] [ल] मेदपाट [ देश] १३ लक्ष्मी [ कुमारशर्मपत्नी] १२६ मोढ [ ज्ञाति] १०८ लक्ष्मीधर [] [य] लखमण [श्रीमाल ज्ञा० श्रे०] यशोधवल [ परमारवंशीयनृपति] लखमण [ प्रा० ज्ञा० श्रे०] ९९ यशोराज [ नृपविशेष] ४४ | ललितसर [ सरोवर] योगराज [ चापोत्कटनृप] ललितादेवी [ महं, वस्तुपालपत्नी] ४४, ४५, [र] ७१, ७२, ७३, ७४,८०, ८३, रतन [संघाधिपति] ८४, ८५, ८६, ८९, ९४, १०२, रत्नसिंह [ प्राग्वाट, ठक्कुर] १०९, ११३, ११५, १४२ रत्नादित्य [चापोत्कटनृप] लल्लशर्मा [विद्वान्] १२२ रत्नादेवी [ जयादित्यदेवपत्नी] ११५ | लवणप्रसाद [ चौलुक्यवंशीय] १३, ४० रयणादेवि [ लूणसीहभार्या ] लवणप्रसाद [ महाराजाधिराज] ७१, ७३, राजदेव [श्रेष्ठी] ११४ ७४, ७६, ८०, ८३, ८६, ९२ राजपाल [ तेजपालमातुलसुत] लवणप्रसाद [ महामण्डलेश्वर, राणक] राजुय [प्रा० ज्ञा० श्रे०] ९९ | लवणसिंह [ लावण्यसिंह, राठी [ ज्ञातिविशेष] १५२ लूणसिंह, तेजपालपुत्र] राणभट्टारक[भट्टारक] लषमादेवि [ लूणसीहभार्या ] राणिग [प्रा० ज्ञा० महं] ९८ लाखण [ओइवालज्ञा० श्रे०, राणु [ ठक्कुराणी, ललितादेवी ७२, ७४, ७७, बोहियपुत्र] माता] ८०, ८३, ८६, ११५ | लाट [नृपविशेष] १४६ १०५ १०८ लपुत्र] ७३ ४२ D:\sukar-p.pm52nd proof

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