Book Title: Prakrit Vyakaranam Part 1
Author(s): Hemchandracharya, Ratanlal Sanghvi
Publisher: ZZZ Unknown

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Page 577
________________ -- ---- नाशिमो. (मप्का) पौष पुरा क्यवा पुनी का नई न. (मभः) बाबा .३२,१८७। पुनः १.१३७। नयले न. (मस्तमे) नाकाम तक में २२०३, नसो पुं० (नप्तकः) पी; पुत्र का करवा पुत्री का | मानो - (न्यायः) बाब नीसि; 4.२२९ । नाम (नाम) साग १-२६ । मर्म न. (नमस् साकाम गबन १-१८७॥ मारणं न. (ज्ञानम् । ज्ञान, बोध, पैतन्य, वृद्धि; २.१०४ नम् अक. (नम्) भार के कारण मुकना; सक. नाम ब. (नाम) मावना आमन्त्रण संबोधन-श्याति (मम्) कार सरवा वाक्यालंकार-पाव-भूति अर्ष में प्रयोक्तव्य नमिमो सक. (नमामः) हम नमस्कार करते हैं मध्यप, २.११७। १.१८३। नारइओ पि. (मारकिक:) नरक का बीय; १-७९ . नयो वि. (नतः)ममा हुआ, झुका हुआ नारायो पु. (नाराषः) शरीर को रचना का एक प्रकार; १-१८०। १-६७ । " " के साथ में भाषा स्त्री. (न) नौका बहाव १-१६ उन्नयं वि. (उन्नत) उन्नत, कंका; .१२॥ ! नावित्रो पु. (नापित: माई हन्यामा ६२.। चाहो (नामा) स्वामी, मालिका -१८५; २-७८ पणवह सक. (प्रनमयतुमः नमस्कार करते हो; निश्रचसु अक (निवृत्त) पोस हट ना, रुक मा २१९ नित्तं वि. ( निवृतम् ) निवख, प्रवृत्त विमुख इटा नमिर पि. ( नमन शील) नमने के स्वभाव अला; निअम्ब न. (नितम्ब) कमर के नीचे का भाग-पुळे नमोकारो पु. (नमस्कारः) नमस्कार, १-६२, २-४ । निउ वि.(निवृतम) परिवेष्टित-पराया हुबा; १-११ नम्मो पु. (मम) हंसी, मजाक; १-१२ । निजरं न. (नपुरम) स्त्री के पांव का एक नामुषण, नयणं पु. न. (नयन) मांस, मेष, १-१७७, १८०, २२८। निको पु. (निष्क्रयः) वेतन, मजदूरो; २-४ । नयणा. पं. न. (नयनानि) आंखें: १.३३ । निकम्पन; (निष्कम्पम) कम्पन-रहित, स्पिर -४ मयणाई न. " निक्खं पु. न. (निकम्) सोना-मोहर, मदा, कृपया २.४ नयरं न'. (नगर) नगर, शहर, पुर; १-१७७, १८० निचलो दि. (निश्चल) स्थिर, . अचक: २.२१. नप. पु..न, (नरः) मनुष्य, पुरुषः, १:२२९ । । निच्चल वि. (निपचलः) स्थिर, दृढ़, मचल; नराश्री पु. (नारा) परीर की रचना का एक प्रकार; २-२१ । १-६७। निज्झरो पं. (निरर) झरना, पहाड़ से गिरते हुए पानी नरिन्दो पु. मरेन्द्रः राजा; १८४। का प्रवाहा १-९८, २-९. । नपर म. (केवलम्) वेवल, विशेष, सिर्फ; २.२०४ | निठठरो वि. (निष्ठ) निष्ठुर पुरुष, कठोर आवपी नवल्लो वि. (नवः) नया, नूतन, नवीन; २-१६५।। १-२५, २-७७। नवो वि. " " " " निठलो वि. (निष्ठः) निष्ठुर पुरुष, कठोर नश आदमी; १-२५४ । "" उपसा के साथ में-- निएणश्रो पु. निगंय:) निश्चय, अवधारण, फैसला; १.९५ पण? वि. (प्रनष्ट) विशेष रूप से नष्ट आ; निएणं वि. (निम्नम्) नोचे, अपस्। २.४२ । १-१८७ । निद्धरणो बि. (निर्धनः) पन रहित, अकिंचन २.९० । नह .न. (नस) नश, नाखून; १-३,..। निद्धःन, (स्निग्धम् ) स्नेह, रस-विशेष; स्नेह युक्त, नहा न. (नसानि) नल, नान २.९०, ९ । चिकना १९.

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