Book Title: Mahavir 1933 04 to 07 Varsh 01 Ank 01 to 04
Author(s): C P Singhi and Others
Publisher: Akhil Bharatvarshiya Porwal Maha Sammelan

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Page 43
________________ निमंत्रण-पत्रिका ॥ ॐ अहम् नमः ॥ श्री अखिल भारतवर्षीय पौरवाल KELKARNA सिरोही ( राजपूताना ) महा सम्मेलन, मुकाम निमंत्रण पत्रिका मिती महा सुद १५ सं. १९८८ श्रीबामणवाड़जी तीर्थ स्टेशन-सजनरोड वैशाख वदी १, २ व ३ तदनुसार ता० ११, १२ व १३ अप्रेल सम् १९३३ ई. स्वस्ति श्री -शुभस्थाने सर्वोपमा लायक श्रीमान्------- Kondave JA DO SADA वीरात् २४५६. की सेवा में, योग्य लिखी सिरोही नगर से श्री अखिल भारत-वर्षीय पोरवाल महा सम्मेलन की स्वागत समिति का जैजिनेन्द्र स्वीकार होवे। यहां सब कुशल हैं, और आपकी कुशलता सदा चाहते हैं। अपरञ्च विदित हो कि अखिल भारत-वर्षीय पोरवाल महासम्मेलन श्री बामणवाड़जी तीर्थ में मिती वैशाख बदि १, २ व ३ सम्वत् १६६ तदनुसार ता० ११, १२ व १३ अप्रेल सन् १९३३ ई० को होना निश्चित हुआ है सो आप सब सज्जन, संरक्षक, सहायक, स्वागत समिति के सदस्य, प्रतिनिधि अथवा दर्शक होकर इस सम्मेलन में सम्मिलित होने को अवश्य पधारें और आपके आसपास के नगर व गांवों के सजनों को भी लेते पधारें। यह अपने सारे समाज का प्रथम सम्मेलन है, और पारस्परिक मेल मिलाप के अतिरिक्त जातीय संगठन व उत्थान का महान् साधन है। इस मौके पर अनेक उपयोगी व्यवसायों पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान दिलाने का प्रयत्न किया जारहा है। हमारे समाज के भूषण अग्रगण्य करीब २ सब सज्जनों ने इस कार्य के लिये उत्तेजना दिलाई है। अतएव आपसे सानुरोध प्रार्थना है कि आप इस सुअवसर पर अवश्यः पधारने की कृपा करें। आपके पास निमंत्रणार्थ श्रीयुत् सहक भेजे जाते हैं तो कृपया स्वीकृति- इन साहिबों को देकर समय पर पधारने की कृपा करेंगे। इस परिश्रम से पूर्ण आशा है कि सब साहिब पधार कर सम्मेलन के प्रयोजन व शोभा के बढाने में अवश्य भाग लेंगे। ही इस मौके पर प्रायः करके श्री श्री १००८ श्री श्री श्रीमद् विजयवल्लभसूरीश्वरजी महाराज व उनके शिष्य समुदाय तथा श्री श्री १००८ श्री श्री श्री शान्त मूर्ति योगी.

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