Book Title: Jain Kathao ka Sanskrutik Adhyayan Author(s): Publisher: ZZZ Unknown View full book textPage 7
________________ CHIEF MINISTER सत्यमेव जर Dear Shri Jain, I have received your letter dated the 7th March, 1973 inviting me to be the Chief Guest of Bhagwan Mahavira Jayanti Celebrations, for which I thank you. I regret, it will not be possible for me to come to Calcutta due to prior engagements. With good wishes, Bhopal No. 1831 C..M.S. Dated 3rd April 1973 प्रिय श्री कमलकुमार जैन, आपका ता० १७ मार्च का पत्र मिला । धन्यवाद । के लिए मुझे आमन्त्रित किया इसके लिए बहुत आभारी हूँ । कलकत्ता न आ सकूँगा । क्षमा करे । Your sincerely, P. C. Sethi जीवन कुटीर वर्धा ( महाराष्ट्र ) २६ मार्च, १६७३ आपने जेन कान्फ्रेन्स के उद्घाटन किन्तु मुझे दुःख है कि में अप्रैल में विनम्र श्रीमन्नारायणPage Navigation
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