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________________ विषय विषयानुक्रमणिका । मङ्गलाचरण निश्चय तथा व्यवहारका शब्दार्थ, तात्पर्य तथा रहस्य कार्य-कारणभाव का स्वरूप, भेद, उनका उदाहरणोंके साथ स्पष्टीकरण पाँच समवायि कारणों का स्वरूप तथा दृष्टान्तोंके सहित उनका वर्णन पदार्थों का वर्णन, उनके छः सामान्य स्वभाव के नाम अस्तित्व-स्वभावका वर्णन वस्तुत्व-स्वभावका वर्णन ... ... द्रव्यत्वका विवेचन, उनके भेद 1589 जीवास्तिकायका स्वरूप अजीवास्तिकाय के भेद और आकाशास्तिकायका वर्णन कालद्रव्य .... पुद्गलास्तिकाय का वर्णन पर्यायका लक्षण नित्य - अनित्यत्वका लक्षण एक-अनेकता सख-असत्व धर्मास्तिकाय का लक्षण ... अधर्मास्तिकाय का स्वरूप :.. Scanned by CamScanner ::::: वक्तव्य- अवक्तव्यता नित्यानित्य पक्षका विवेचन नय-स्वरूप दिगम्बर- प्रकिया से मयों का स्वरूप ... ÷ ::::::::::::::: पृष्ठांक ११ १६ २८ २ २६ ३० ३५ ४३ ४४ ४५ ४८ ५२ -६६ * * * * ७८ ૮૨ ८६
SR No.034164
Book TitleDravyanubhav Ratnakar
Original Sutra AuthorN/A
AuthorChidanand Maharaj
PublisherJamnalal Kothari
Publication Year1978
Total Pages240
LanguageSanskrit, Hindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size114 MB
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