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________________ 11. तदा सर्वत्र प्रकाशः भवति-तब सब स्थानों पर प्रकाश हो जाता है। 12. घण्टानादः भवति, त्वं तं शृणु-घण्टी बज रही है, तू उसे सुन । शब्द नाम-नाम । निपुणः - प्रवीण । स्वनगरम् - अपने शहर को । वाक्य 1. सः पण्डितः अस्ति - वह बुद्धिमान् है । 2. तस्य नाम विश्वामित्र शर्मा इति - उसका नाम विश्वामित्र शर्मा है । आगतः - आया। स्वामी - स्वामी । धर्मप्रचारम् - धर्म के प्रचार को । 3. सः कलिकत्तानगरात् अत्र आगतः - वह कलकत्ता शहर से यहाँ आया है। 4. अत्र तेन शोभनं व्याख्यानं दत्तम् - यहाँ उसने अच्छा व्याख्यान दिया । 5. सः वरं व्याख्यानं ददाति - वह अच्छा व्याख्यान देता है । 6. एवम् अत्र न कः अपि वक्तुं शक्नोति - इस प्रकार यहाँ कोई भी नहीं बोल सकता । 1 7. सः संस्कृत भाषायां प्रवीणः अस्ति- वह संस्कृत भाषा में निपुण है । 8. यथा स्वामी सर्वदानन्दः प्रवीणः अस्ति-जैसे स्वामी सर्वदानन्द प्रवीण हैं। 9. न तथा पण्डितः विश्वामित्र शर्मा- नहीं ( हैं ) वैसे पं. विश्वामित्र शर्मा । 10. त्वया तस्य व्याख्यानं श्रुतं किम्-क्या तूने उसका व्याख्यान सुना ? 11. कदा सः पुनः स्वनगरं गमिष्यति - वह फिर कब अपने शहर जाएगा ? 12. सः इदानीं नैव गमिष्यति - वह अब नहीं जाएगा । 13. अत्र स्थित्वा सः किं कर्तुमिच्छति' - यहाँ ठहरकर वह क्या करना चाहता है ? 14. अत्र स्थित्वा सः धर्मप्रचारं करिष्यति-यहाँ ठहरकर वह धर्म का प्रचार करेगा । 15. यदि सः अत्र स्थास्यति तर्हि वरं भविष्यति - -अगर वह यहाँ ठहरेगा तो अच्छा होगा । 1. प्रथमा 2. द्वितीया 3. तृतीया 1. कर्तुम् + इच्छति । दकारान्त स्त्रीलिंग 'यद्' शब्द जो जिसको जिससे या याम् यया स्त्री "" "" 99
SR No.032413
Book TitleSanskrit Swayam Shikshak
Original Sutra AuthorN/A
AuthorShripad Damodar Satvalekar
PublisherRajpal and Sons
Publication Year2010
Total Pages366
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size16 MB
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