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________________ जडु - -जण्णयत्ता जडु न [जाड्य] जड़पन | देखो संक्षिप्त प्राकृत-हिन्दी कोष | डु पुं [] हाथी | ड्ड स्त्री [] जाड़ा, शीत । जढ वि [ त्यक्त] परित्यक्त, वर्जित । जढर न [जठर ] पेट | जदल जण सक [जनय् ] उत्पन्न करना, पैदा करना । पुं [न] मनुष्य | लोग, व्यक्ति । देहाती मनुष्य | समुदाय, वर्ग, लोक | वि. उत्पादक, उत्पन्न करनेवाला | जत्ता स्त्री [यात्रा] जन-समागम । ट्ठाण न [स्थान ] दण्डकारण्य | नासिक नगर । व पुं [पति] लोगों का मुखिया । " वय पुं ['व्रज] मनुष्यसमूह | 'वाय पुं. [वाद] जन श्रुति, उड़ती खबर | मनुष्यों की आपस में चर्चा | लोकापवाद | इस्त्री ['श्रुति] किंवदन्ती । विवाय पुं [पवाद ] लोक में निन्दा | जrs स्त्री [ जनिका ] उत्पादिका । उत्पन्न करनेवाली । जणइउ पुं [ जनयितृ ] जनक | वि. जणुक्कलिआ स्त्री [जनोत्कलिका] मनुष्यों का जणइत्तु उत्पादक । छोटा समूह जणउत्त पुं [दे] ग्राम का प्रधान पुरुष, गाँव जणुम्मि स्त्री [जनोमि ] तरंग की तरह का मुखिया । विट, भाँड़, विदूषक । मनुष्यों की भीड़ । जणंगम पुं ं [जनङ्गम] चाण्डाल । जणग देखो जणय । जणेर (अप) वि [ जनक ] उत्पादक । पुं. बाप | जरि (अप) स्त्री [जननी] माता । जण पुं [ यज्ञ ] यज्ञ । देव पूजा । श्राद्ध | इ, ● जाइ वि [ याजन् ] यज्ञ करनेवाला | ' इज्जवि ['ज्ञीय ] यज्ञ-सम्बन्धी | न. 'उत्तराध्ययन' सूत्र का एक प्रकरण । ट्ठाण न [स्थान ] यज्ञ का स्थान । नगर- विशेष नासिक | मुह न [मुख ] यज्ञ का उपाय | 'वाड ['वाट ] यज्ञ-स्थान | सेपुं जणण न [जनन] जन्म देना, पैदा करना । वि. उत्पादक, जनक | जणणि स्त्री [जननी, नी] माता । जणणी उत्पादिका । जणण पुं [जनार्दन] श्रीकृष्ण, विष्णु । जणप्पवाद' [ जनप्रवाद ] लोकोक्ति, अफ वाह | जण अअ [ जनमेजय ] स्वनाम - प्रसिद्ध नृप - विशेष | जणमेजय देखो जणमेअअ । Jain Education International ३४१ जणय वि [ जनक ] उत्पादक । पुं. पिता 1 | देखो जण = जन | मिथिला का राजा जनक, सीता का पिता । पुंन ब. माता-पिता । 'तणआ स्त्री ['तनया ] सीता । दुहिया, धूआ [दुहितृ] वही अर्थ । नदण पुं [" नन्दन] राजा जनक का पुत्र, भामण्डल | 'नंदणी स्त्री [नन्दनी] सीता, जानकी । दिणी स्त्री [नन्दिनी] वही अर्थ | 'निवतणया स्त्री ['नृपतनया ] राजा जनक की पुत्री । पुत्ती स्त्री [° पुत्री ] वही अर्थ | सुअ [सुत] जनक राजा का पुत्र, भामण्डल । "सुआ स्त्री [° सुता ] सीता । जणयंगया स्त्री | जनकाङ्गजा ] सीता । जणवय पुं [ जनपद ] देश, राष्ट्र, लोकालय | देश- निवासी । प्रजा । जणवय वि [ जानपद ] देश का निवासी । जणस्सु स्त्री [जनश्रुति ] किंवदन्ती । जणि (अप) अ [ इव] तरह, जैसा । जणी स्त्री [जनी] महिला । जणु देखो जणि । [श्रेष्ठ] उत्तम याग | जण्णय देखो जणय । जयत्ता स्त्री | दे. यज्ञयात्रा ] बारात । For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.016020
Book TitlePrakrit Hindi kosha
Original Sutra AuthorN/A
AuthorK R Chandra
PublisherPrakrit Jain Vidya Vikas Fund Ahmedabad
Publication Year1987
Total Pages910
LanguagePrakrit, Hindi
ClassificationDictionary & Dictionary
File Size19 MB
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