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________________ शभकामना डा० दे० य. गौहोकर M.A, LL.B, B.S.F.S., D. Lit कुलगुरु नागपुर विद्यापीठ नागपुर दिनांक २६-११-७७ प्रिय श्री बारलिंगे, सप्रेम वन्दे। आप राजस्थान केसरी, अध्यात्मयोगी श्री पुष्कर मुनि महाराज की साधना के ५४ वर्ष यशस्वितया सम्पन्न होने के पावन प्रसंग पर उनका अभिनन्दन कर रहे हैं यह स्तुत्य बात है। इस अवसर पर आप एक अभिनन्दन ग्रंथ भी समर्पित कर रहे हैं। महाराज ने अपनाया हुआ कार्य पूर्ण करने के लिये परमेश्वर उन्हें दीर्घायुरारोग्य प्राप्त कराएँ, यही शुभकामना। भवदीय (ह०) दे० य० गोहोकर राज्य मन्त्री श्रम तथा संसदीय कार्य भारत नई दिल्ली जनवरी २४, १९७८ प्रिय श्री मालवणिया, यह जानकर अत्यन्त प्रसन्नता हुई कि श्री पुष्कर मुनि महाराज जी की यशस्वी व तेजस्वी साधना के ५४ वर्ष सम्पन्न होने के पावन उपलक्ष्य में उनका सार्वजनिक अभिनन्दन करने के लिए अभिनन्दन ग्रन्थ समर्पित करने का निर्णय किया गया है। अभिनन्दन समारोह की सफलता की हार्दिक कामना करता हूं। आपका स्नेहाकांक्षी ह० रामकृपाल सिंह Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.012012
Book TitlePushkarmuni Abhinandan Granth
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDevendramuni, A D Batra, Shreechand Surana
PublisherRajasthankesari Adhyatmayogi Upadhyay Shree Pushkar Muni Abhinandan Granth Prakashan Samiti
Publication Year1969
Total Pages1188
LanguageHindi, English
ClassificationSmruti_Granth & Articles
File Size39 MB
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