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________________ [ ३० ] जगनाथराय (६३)-विष्णु, श्रीकृष्ण । | जवान (६०) जवान जग-पुड (१०)-पृथ्वीतल, जगतीतल | जम (३६)-यम जगि (१०२)-ससार मे। जमणा (६०)-यमुना नदी। जजमान (१५)-~-यजमान जमणा (१३) यमुना जटाय (६)-प्रसिद्ध भक्त, गिद्ध, जमदग्न (८१)-एक ऋषि जो परशु__ जटायु। राम के पिता थे, जमदग्नि ' जड ग (७८)-जड, मूर्ख, अस । जमपास (३४)---यमपाश जडधार (१६)-महादेव । जमराव (२५)-यमराज जडाणो (४०)-घनीभूत हुआ। . जमल (१५)-साथ ? जडाउ (४७) = जटित जमवाळा (९६)-यमराज के । जडाधार (४८)-जटाधर, महादेव । जमवारा (५१)-जीवन, जन्म, यमजडाघर (८८)-शिव, महादेव । यातना। जण (५२, ५६, ६६)- व्यक्ति, भक्त। जमै (१७)-रामदेव पीर के नाम पर जणरौ (६७)--जिसका किया जाने वाला रात्रि जणम्य (३६)-जनेगी, उत्पन्न करेगी जागरण। जणारी (६४)-जिनकी। जमी (१४)-रात्रि जागरण जिसमे जणियो (६३)-~-जन्म दिया, उत्पन्न प्राय. रामदेव के ही भजन किया । गाये जाते हैं, राती-जोगो। जती (६१)-यति, परमपद के लिए | जयो (६, २२, ३६, २३, ३३, ४८) यत्ल करने वाले, सन्यामी। - जय हो। जद (४८,७१, ६९)-जव । जयो (२७, ३४)-जय हो, जय ! जदरथ (६३)-महाभारत युद्ध मे जर (१००)-धन दीलत । दुर्योधन पक्षीय एक राजा । मुहा-जन जूनी जदवंस (७५)- यदुवश, श्रीकृष्ण। | जरणा (१००)-सहन शक्ति । जपीज (४०)-जापा जाता है। जरिया (४८, १००)-सहन किए, जप (२३) जपते हैं। । हजम किए। जपो (३४)-जप करिए। जरू (२८, ७०)- अवश्य, जरूर ही, नवने (२०) यवनो ने । हड़, मजबूत ।
SR No.010757
Book TitlePirdan Lalas Granthavali
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAgarchand Nahta
PublisherSadul Rajasthani Research Institute Bikaner
Publication Year
Total Pages247
LanguageSanskrit, Hindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size6 MB
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