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________________ [ ३०५ दिगम्बर जैन साधु मुनिश्री नियमसागरजी महाराज नियमसागरजी का जन्म २७ वर्ष पूर्व सदलगा ( बेलगांव ) में श्री बाबूरावजी पाटील के घर हुआ । आपके भाई ने मुनि दीक्षा ली तथा उनके उपदेशों से संसार को असार जानकर आप भी मुनि बन गये । आप कुशल वक्ता भी हैं । आपका पूर्व नाम श्री महावीर जैन था। मुनिश्री चेतनसागरजी महाराज ___ श्री आदिनाथ का जन्म लगभग ३० वर्ष पूर्व सदलगा जिला वेलगांव कर्नाटक में श्री बाबूरावजी पाटील के घर हुआ। आपकी माता का नाम श्रीमति सोनादेवी था। आपकी शिक्षा ५ वीं तक ही रही । सन् ८१ में आपने मुनि दीक्षा ले ली तथा स्वपरोपकार में निरत हैं। मुनिश्री मोमसागरजी महाराज स me *inment SAY. श्री नानूभाई का जन्म आज से ३७ वर्ष पूर्व मोरवी (गुजरात)में,श्री मूलजी भाई के घर हुआ था । आप अच्छे एवं कुशल सिविल इन्जीनियर पोलो टेकनिक थे । आप क्षत्रिय कुलोत्पन्न हैं। जैन धर्म में आपकी अत्यन्त श्रद्धा थी इसी कारण आपने अपना जीवन आत्म कल्याण में लगाया ।दिनांक २६-१०-८१ को नैनागिरी क्षेत्र पर आपने मुनि दीक्षा लेकर मनुष्य पर्याय को सार्थक किया। आपका वर्तमान नाम ओमसागरजी है।
SR No.010188
Book TitleDigambar Jain Sadhu Parichaya
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDharmchand Jain
PublisherDharmshrut Granthmala
Publication Year1985
Total Pages661
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size31 MB
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