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________________ १४ खजाने मे से एक-एक अमृत कण निकाल कर मानव अध्यात्म शान्ति का अनुभव कर सकता है । प्रस्तुत पुस्तक के लेखक राज्यस्थान केमरी प० श्री पुरकर मुनिजी म के सुशिष्य कनिवयं साहित्य सर्जक पण्डित मुनि श्री गणेश मुनि जी हैं । वे अनेक साधुवाद के पात्र हैं। 1 - प्रवर्तक विनय ऋषि गीतों का मधुवन - रचयिता गणेश मुनि शास्त्री - प्रकाशक : अमर जैन साहित्य सदन, जोधपुर - मूल्य एक रुपया शब्दावलियाँ नरस शिक्षा और 'गीतो का मधुवन' लखा, 'चन्दनलाल' | गद् गद् 'मुनि गणेग' भारी, गुणी, सरस्वती निशदिन ही जिनकी रहे, झकृत गीत भितार | सर्व, व माल । अवतार । - चन्दन मुनि [पजावी ] सम्पूर्ण साहित्य प्राप्त करने के लिए सम्पर्क करे अमर जैन साहित्य संस्थान कोरपोल, बड़ा बाजार पो० उदयपुर (राजस्थान )
SR No.010166
Book TitleBhagavana Mahavira ke Hajar Updesh
Original Sutra AuthorN/A
AuthorGaneshmuni
PublisherAmar Jain Sahitya Sansthan
Publication Year1973
Total Pages319
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size6 MB
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