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________________ की युगलपीठ ने दिनांक 31.01.2008 को एक जनहित । कि वे नियमों से बँधे हुए हैं। याचिका का निराकरण करते हुए कहा कि अधिकारी सुनवाई के बाद अदालत ने कहा कि अधिकारियों , वर्ग सख्ती से कार्रवाई करें, ताकि किसी नागरिक को | को चाहिए कि वे अपने कर्तव्यों को गंभीरता से निभाएँ। परेशानी का सामना न करना पड़े। हाइकोर्ट ने इस बारे | ऐसा होने पर ही नागरिक अपने आपको असहाय महसूस में अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। यह / नहीं कर सकेंगे। साथ ही उनमें कानून का पालन करने जनहित याचिका सुरेशचन्द्र जैन (सुरेशचन्द्र जैन एवं अन्य, | की जिम्मेदारी का अहसास होगा। इस मत के साथ अदालत विरुद्ध मध्यप्रदेश राज्य एवं अन्य, रिट पिटीशन नम्बर- | ने उम्मीद जताई कि सक्षम अधिकारी इस मामले पर 15787/2005, दिनांक 6.12.05, त्रय याचिकाकर्ता- 1.| भी गंभीरतापूर्वक कार्रवाई करेंगे। सुरेशचन्द्र जैन बरगीवाले, 748 सराफा वार्ड, जबलपुर, राज्य शासन के द्वारा बनाए गए नियमों के उल्लंघन अथवा- मे. सुनील ट्रेडर्स, 1010 मछरहाई, जबलपुर- | होते हुए देखकर सुरेशचन्द्र जैन एवं अन्य तथा अधिवक्ता 482 002, मध्यप्रदेश, फोन (0761)2611121, 2650001, | ग्रीष्म जैन द्वारा किए गए सम्यक् प्रयास के लिए ये मो. 94243-05778, 94251-83884,2. सुनील जैन, 139- | सभी जन निश्चित रूप से बधाई के पात्र हैं। वहीं राज्य शिवनगर, जबलपुर, मध्यप्रदेश, 3. अशोक जैन, विद्यासागर | शासन के सम्बन्धित मंत्रालय, विभाग एवं अधिकारियों काम्प्लेक्स, तिलक भूमि की तलैया, जबलपुर, मध्यप्रदेश) से भी प्रदेश भर में जनता के हितों को दृष्टि में रखकर आदि की ओर से दायर की गई थी। याचिका में कहा | न्यायालय के इस निर्णय का अनुपालन कठोरतापूर्वक गया था कि शहर की सड़क किनारे खुले रूप से मांस | कराए जाने की अपेक्षा है। ऐसा नहीं किए जाने पर और मछली बिक रही हैं। इससे न केवल पर्यावरण | उक्त मंत्रालय, विभाग एवं अधिकारीगण फिर न्यायालय प्रदूषित होता है, बल्कि उसके कारण आवारा कुत्ते वहाँ | की अवमानना के दोषी माने जाएंगे। एकत्रित होते हैं। याचिका के अनुसार इन मार्केटों के पाठकों से अपेक्षा है कि जहाँ वे अपनी हार्दिक . आसपास से गुजरने वाले राहगीरों को बदबू का सामना | शुभकामनाएँ याचिकाकर्ताओं तथा अधिवक्ता महोदय को करना पड़ता है, जिससे उनकी भावनाएं आहत होती | भी प्रेषित करें, वहीं मध्यप्रदेश के माननीय राज्यपाल राजभवन, भोपाल और माननीय मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, याचिका में कहा गया है कि नियमों के तहत | स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, गृह मंत्रालय तथा मांस और मछली केवल उन मार्केटों में बिक सकती | नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्रालयों के विभागीय सचिवों हैं, जो नगर निगम द्वारा अधिसूचित किए गए हों याचिका के बल्लभ भवन, भोपाल, मध्यप्रदेश के पतों पर एवं में आरोप था कि इसके विपरीत पूरे शहर में मांस की | कलेक्टर-जबलपुर, मध्यप्रदेश तथा आयुक्त-नगर निगम, बिक्री खुलेआम हो रही है। जबलपुर मध्यप्रदेश आदि को पत्र या ई-मेल प्रेषित करके याचिका में इस रिवाज पर अंकुश लगाए जाने । | इस निर्णय को प्रभावी रूप से अमल में लाए जाने हेतु हेतु मध्यप्रदेश शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण | लिखें। साथ ही साथ याचिकाकर्ताओं या अधिवक्ता महोदय मंत्रालय, गृह मंत्रालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास से सम्पर्क कर न्यायालयीन आदेश की एक सत्यापित मंत्रालय, बल्लभ भवन, भोपाल, मध्यप्रदेश तथा कलेक्टर- प्रति प्राप्त कर अपने नगर के स्थानीय निकाय के वरिष्ठ जबलपुर एवं आयुक्त-नगर निगम, जबलपुर से भी | अधिकारियों से उस पर अविलम्ब रूप से अमल किए अनुरोध किया गया था। मामले पर हुई सुनवाई के दौरान | | कराए जाने हेतु भी सार्थक प्रयास करें। अन्य प्रान्तों आवेदकों की ओर से अधिवक्ता ग्रीष्म जैन (114-मोहित | के जागरुक पाठक, कार्यकर्ता या संस्थाएँ भी इस याचिका चेंबर, चंचलाबाई कॉलेज रोड, राइट टाउन, जबलपुर- | के अनुरूप ही अपने राज्य के उच्च न्यायालय में नियमों 482 002, मध्यप्रदेश, मो. 94251-51523) ने अपना | का उल्लंघन होते हुए देखकर, उनके समीचीन परिपालन पक्ष रखा। शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता दीपक | किए जाने हेतु जनहित याचिका दाखिल कर न्यायालय अवस्थी एवं न. नि. की ओर से अधिवक्ता शरद वर्मा | | से योग्य दिशा-निर्देश प्रदान करने हेतु निवेदन कर सकते , ने कहा कि उन्हें यह कहने में कोई संकोच नहीं है । हैं। - मार्च 2008 जिनभाषित 32 Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.524326
Book TitleJinabhashita 2008 03
Original Sutra AuthorN/A
AuthorRatanchand Jain
PublisherSarvoday Jain Vidyapith Agra
Publication Year2008
Total Pages36
LanguageHindi
ClassificationMagazine, India_Jinabhashita, & India
File Size4 MB
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