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________________ वाश्री जिनाय नमः॥ बन्दे वीरम् __(मङ्गला चरण) वदनकान्तिविभाजितदिमुख, मुनिजनोच्चयसेवितपङ्कज । भवभृतांभवभावविभासक, विभर मे जिनवीर सुवाञ्छितम् ॥१॥ ___ मङ्गल जनक सुख शान्ति-जनके प्रभुप्तधन घन लाइए । करुणा हो कारुण्यकी धारा प्रभो बरसाइये कर ज्ञान सूर्योदय सुकृतिपथ ज्योतिमें प्रभु लाइए । अब होस सीमा हो चुकी सुविकाश मार्ग दिखाइये ॥ १ ॥ - - - फ्टनेका संक्षिप्त विवरण । FOOD गध देशका शिरोभूषण पटना नामका नगर विहार म प्रान्तमें भागीरथी नदीके दक्षिण तटपर अवस्थित है। GOOD प्राचीन कालमें यह नगर बहुत विस्तृत और अत्यन्त ऐश्वर्यशाली था। कबियोंकी वर्णनासे मालूम होता है, कि किसी दिन यह नगर बहुमूल्य रत्नांकित भव्य भवनों, लोचन-लोभनीय
SR No.032643
Book TitlePatliputra Ka Itihas
Original Sutra AuthorN/A
AuthorSuryamalla Yati
PublisherShree Sangh Patna
Publication Year
Total Pages64
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size7 MB
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