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(२१५) पावश्यक नियुक्ति दीपिका (पूर्व भाग)
श्री भद्रबाहु स्वामी संशो. मानविजयजी
सूरत : जैन ग्रन्थमाला गोपीपुरा १६३६ उत्तरपुराण
श्री गुणभद्राचार्य अनु० सम्पा० हीरालाल जैन .... काशी : भारतीय ज्ञानपीठ
१९४४, प्रथमावृत्ति चत्तराध्ययन (उत्तरज्ययण)
-नियुक्ति : भद्रबाहु -चूर्णि : जिनदासगणि महत्तर रतलाम : १९३३
टीका : शान्तिसूरि ; बम्बई १९१६ उत्तराध्ययन (उत्तरज्ययण)
टीका : नेमिचन्द्र
बम्बई १९३७. ऋग्वेद
सम्पा० विश्वबन्धुना विश्वेश्वरानन्द : वैदिक शोध संस्थान
१९६४ प्रथमावृत्ति ऐतरेय ब्राह्मणम् (भाग १, २)
श्री मत्स्याणाचार्य संशो० काशीनाथ शास्त्री पूना : आनन्दाश्रममुद्रणालये १६३०, द्वितीयावृत्ति