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________________ पंचभाषी पुष्पमाला जिनभारती वर्धमान भारती इन्टरनेशनल फाउण्डेशन के महत्त्वपूर्ण प्रकाशन 'प्रियवादिनी ' स्व. कु. पारुल टोलिया द्वारा लिखित संपादित - अनुवादित • दक्षिणापथ की साधनायात्रा (हिन्दी) प्रथमावृत्ति पूर्ण • महावीर दर्शन (हिन्दी) Mahavir Darshan (Eng + Hindi) • विदेशों में जैन धर्म प्रभावना (हिन्दी) Jainism Abroad ४० • Why Abattoirs - Abolition? (Eng) • Contribution of Jaina Art, Music and Literature to Indian Culture Musicians of India - I came across: Pt. Ravishankar • Indian Music and Media (Eng) • Profiles of Parul (Eng) • पारुल - प्रसून (पुस्तिका तथा सीडी) प्रा. प्रतापकुमार टोलिया द्वारा लिखित संपादित - अनुवादित • श्री आत्मसिद्धिशास्त्र एवं अपूर्व अवसर - द्विभाषी सप्तभाषी आत्मसिद्धि - श्रीमद् राजचन्द्रजी कृत सात भाषाओं में अंग्रेज़ी-हिन्दी भूमिकासह पंचभाषी पुष्पमाला • • दक्षिणापथ की साधनायात्रा (गुजराती) प्रथमावृत्ति पूर्ण विदेशों में जैनधर्म प्रभावना (गुजराती) जिनभारती
SR No.032308
Book TitlePanchbhashi Pushpmala Hindi
Original Sutra AuthorN/A
AuthorPratap J Tolia
PublisherVardhaman Bharati International Foundation
Publication Year2007
Total Pages46
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size3 MB
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