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________________ १३० o १३१ o o o o Mor MoroM. MMMMMMMM o १३५ १३५ १३७ विषय-सूची इम, क्म =प: नियम और उदाररण प, स्प-फ, फ: ह = भ, ब्भ: न्म, ग्म = म: " " श्म, म, स्म, ह्म, क्ष्म = म्ह : __" " श्न, ष्ण, स्न, हू, ह, क्ष्ण, क्ष्म = ण्ह : =ल्ह : नियम और उदाहरण , ज्ञ=ज, ज: है, शें, , क्ल = रिह, रिस, किल : नियम और उदाहरण र्य = रिअ : . नियम और उदाहरण संयुक्त व्यञ्जनों में विशेष परिवर्तन : उदाहरण द्वित्व : उदाहरण अनियमित परिवर्तन : उदाहरण आमूल परिवर्तन, वर्णव्यत्यय : उदाहरण अध्याय ५ लिङ्गानुशासन संस्कृत के कुछ नपुंसक शब्द प्राकृत में पुल्लिङ्ग : उदाहरण विशिष्ट-विशिष्ट शब्दों की विशेष लिङ्क व्यवस्था स्त्री प्रत्यय पुंलिङ्ग से स्त्रीलिङ्ग बनाने के नियम और उदाहरण कतिपय मध्ययनीय शब्द अध्याय ६ शब्दरूप शब्द और पद : परिभाषा प्राकृत शब्दों का वर्गीकरण विभक्ति चिह्न जोड़ने के नियम अकारान्त शब्दों में जोड़े जानेवाले विभक्ति चिह्न देव शब्द की रूपावली वीर, जिण, वच्छ : रूपावली धम्म : रूपावली हाहा : रूपावली इकारान्त, उकारान्त, शब्दों में विभक्तियों के जोड़ने के नियम १३६-१४२ १३९ १-४१ १४२-१४७ १४२ १४५ १४८-२१२ १४८ १४९ १४९ Mom १६२ १५३
SR No.032038
Book TitleAbhinav Prakrit Vyakaran
Original Sutra AuthorN/A
AuthorN C Shastri
PublisherTara Publications
Publication Year1963
Total Pages566
LanguageHindi, Gujarati
ClassificationBook_Devnagari & Book_Gujarati
File Size28 MB
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