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________________ वर्धनम् वंशीय वर्ष् (वर्षति) वर्षर्तुः वर्षा वसुधा 'वस्तुतः वाजी (वाजिन्) वादक: वाद्यम् वासी (वासिन्) वासुदेवः वारणः विकसित विकास: विक्रमः विक्रयः विगत विचार: (looge) वि+चारय् (विचारयति) विजय: वित्तम् विद् (विद्यते) विद्वद्-धौरेय विद्वस् विधानम् विनाश: वि+नोदयू (विनोदयति) ongor विप्रः वि+रमय् (विरमयति) बढ़ाना वंश का बरसना वर्षा ऋतु बारिश पृथ्वी वास्तव में घोड़ा बजाने वाला संगीत-वाद्य निवासी श्रीकृष्ण हाथी विकसित विकास ताकत बिक्री पिछला विचार विचार करना जीत धन होना श्रेष्ठ विद्वान् विद्वान् करना नाश दिल बहलाना Heel ब्राह्मण, बुद्धिमान् पुरुष रोकना 119 (increasing) (belonging to family) (to rain) (rainy season) (rain) (the earth) (in fact) (horse) (instrument-player) (musical instrument) (inhabitant) (Lord Krishna) (elephant) (developed) (development) (strength) (sale) (last) (thought) (to think) (ope (victory) (wealth) (to be) (best among scholars) (scholar) (doing) (destruction) (to entertain) (Brahmin, wise man) (to stop)
SR No.022547
Book TitleSanskrit Sopanam Part 04
Original Sutra AuthorN/A
AuthorSurendra Gambhir
PublisherPitambar Publishing Company
Publication Year2003
Total Pages130
LanguageSanskrit
ClassificationBook_Devnagari
File Size17 MB
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