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________________ नीचे लिखे सनातनजैनग्रंथ हमारे पास मिलते हैं। به د د د د महापुराण (जिनसेनाचार्यकृत आदिपुराण । हिंदी । गोमट्टसार-( कर्मकांड ) हिंदी टीकासहित ) अनुवाद सहित खडशः प्रकाशित होता है १४) प्रवचनसार-संस्कृत हिंदी टीकासहित प्रमेयकमलमार्तड न्याय-प्रभाचंद्र चार्यकृत ४) न्यायदीपिका-हिंदी टीकासह परीक्षामुख न्याय प्रमेयरत्नमाला टीका १) पुरुषार्थमिद्ध्युप य-हिंदी टोकासह सनातन जैन ग्रंथमाला प्रथमगुच्छक इसमें वृहद्व्य संग्रह-सटीक व हिंदीटीका सहित रत्न करण्डश्रावकाचार, पुरुषार्थसिदध्यपाय, आ ज्ञानार्णव-( योगप्रदीप ) हिंदीटीकासहित । त्मानुशासन, समाधिशतक, नयविवरण,युक्त्य. सप्तमंगीतरंगिणी-हिंद टीकासह नुशासन, तत्त्वार्थसूत्र ( मोक्षशास्त्र तत्त्वार्थ पंचास्तिकाय सध्यसार हिं' टी० सह १॥) सार, अध्यात्मतरंगिणी ( समयसार के कलशे ), समय पार-कुंद कुदं खामीकृत हिं०टी० सह ४) बृहत्स्वयंभूस्तोत्र, आप्तपरीक्षा, आप्तमीमांसा विश्वसोवनकोश-श्रीधरसेनकृत हिं०टी०स०१३) सटीक, परीक्षामुख और आलापपद्धति इस शाकटायन प्रक्रियामग्रइ-अभयचंद्र कृत ३) प्रकार १४ ग्रंथ छपे हैं रेशमी गुटका ) भगवती आराधनामार-प्रा. हिं टी०स० ४) जिनशतक सटीक-भगवत्समंतभद्राचार्यकृत ) षटपाहुड कुंदकुंदाचार्य-कृत सुभाषितरत्नसंदोह-आमेतिगत्याचार्यकृत इसमें धर्मसंग्रहश्रावकाचार३३ विषयोंका अपूर्व वर्णन व उपदेश है ॥ परमात्माप्रकाश-प्राकृत दोहात्मक, जीवंधरचंपूकाठग-भट्ठारहरिचंद्रस्य १) गणरत्नमहोदधि-( शब्दाणवका गणपाठ) नीतिवाक्यामनं सामदेवसरिकृत. क्षत्रचूड़ामाण-हिंदीटीकासह वादीभसिंहसूरिकृत ॥ नमिनिर्वाण काव्य-महाकवि वाग्भट्टकृत यशोधरचरित काव्य-वादिराजसूरकृत ) गद्य चतामणि वादीभसिंहसूरे कृत काव्यानुशासन सटीक रत्नकरंडश्रावकाचार-सान्वयार्थ वाग्भट्टालंकार सटीक द्रव्यसंग्रह-सान्वार्थ अलंकाराचिंतामाणि-अजितसेनाचार्यकृत ) भक्तामरस्तोत्र ( आदिनाथस्तोत्र ) सान्वयार्थ ।) चंद्रप्रभचरित-महाकाव्य वीरनंदीकृत भट्टाकलंकचरित्र-और अकलंकस्तोत्र हिंदी टी.) धर्मशमाभ्युदय महाकाव्य-भट्टारहार चंद्रस्य १) सूक्तमुक्तावली-हिंदी पद्य व सान्वयार्थ ) द्विसंधान महाकाव्य-सटीक धनंजयकृत १॥) बाग्स अणुवेक्खा- कुंदकुंदवामीकृत हिंदी टी.) यशतिलकचंपूकाव्य-सर्ट क महाकवि सोमदेव- जैननित्यपाठसंग्रह-१६ पाठों का गुटका ) सूगिकृत प्रथम खंड ३।।) उत्तरखंड मूल २) प्राणप्रियकाव्य-भक्तामरस्त त्र की समस्यापूर्ति ) पाभ्युिदय सटीक-महाकवि श्रीजिनसेनाचार्य भद्रबाहुचरित्र-हिंदीभाषानुवादसहित ) कृत इसमें मेघदूतके प्रत्येक श्लोकके प्रत्येक पाद की वसुनंदिश्रावकाचार प्राकृत ) समस्या पूर्ति की गई है ) प्रश्नोत्तररत्नमालिका-महाराज अमोघवर्ष कृत) जीवंधरचरित्र-भगवद् गुणभद्राचार्यकृत ) मोक्षशास्त्र तत्त्वार्थसूत्र ) मूल पंचाध्यायी-जैनसिद्धांतों का अपूर्व ग्रंथ (इनके सिवाय हिंदीभाषामें अनेक ग्रंथ मिलते हैं) मोक्षशास्त्र-(जैनदर्शन) हिंदीटीकासह उमास्वामी) मिलनेका पताजिनसहस्रनाम-जिनसेन और आशाधरकृत गोमट्टसार-जीवकांड ) उत्थानिका मूलगाथा । | मैनेजर-श्रीजैनग्रंथरत्नाकर कार्यालय और संस्कृत छाया सहित (गुटका) ) हीराबाग-पोष्ट-गिरगांव ( बंबई) हाराबाग-पाष्ट-गर من انت = تتت
SR No.022408
Book TitleSamay Prabhrutam
Original Sutra AuthorN/A
AuthorGajadharlal Jain Shastri
PublisherSanatan Jain Granthmalaya
Publication Year
Total Pages250
LanguageSanskrit, Hindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size10 MB
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