SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 956
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ क़्किल ] णिक्कल. त्रि० (निष्कल ) स रहित निष्कलंक कलंकराहत. Spotless: stainless भग० १५, १ णिक्कलुण. त्रि० (निष्करुण ) या रहित. दया रहित; निर्दय Unkind; merci less. पराह० १, १; णि कवय. त्रि० (निष्कवच ) आवरण रहित; उपन्य विनाने. श्रावरण. रहित; कत्रच रहित. Devoid of a covering; devoid of an armour. ठा० ४, २; णिक्कासिय त्रि० ( निष्कासित ) नीतेश; छाठी भुस निकला हुआ; निकाल दिया हुआ. Turned out; got out; driven out. ओव ० ििकंच. त्रि० ( निष्किञ्चन ) निष्परिग्रही. निष्परिग्रही. Not possessed of anything; possession-less. सूय ० १, १३, १२; शिक्किय. त्रि० ( निष्क्रिय ) द्विवारडित. क्रियारहित. Devoid of action; inert. पर६० १, २; नाया० ६; णिक्किव नि० (निष्कृप ) पारखित. कृपा रहित. Devoid of compassion; ( ६४२ ) unkind नाया० ६; किोड न० (निष्कोटन ) अन्धन विशेष. बन्धन विशेष. A particular kind of bondage. पह० १, ३; णिक्खंत त्रि० ( निष्क्रान्त ) नीउसेस. निकला हुआ. Come out; got out; gone out. नाया० १; नाया० ६० २; (૨) સંસારમાંથી નીકલીને દીક્ષા લીધેલ. संसार में से निकला हुआ; दीक्षा लियाहुआ. (one ) who has freed himself from the world and has become a monk सू० १, ८, २४: उत्त० १८, १६ : Jain Education International [ क्खिमण शिक्खम न० ( निष्क्रम ) उपाधि छोडी નીકલવું દીક્ષાલેવી તે; સુખને એક પ્રકાર. उपाधि को त्याग कर निकलना, दीक्षा लेना; सुख का एक प्रकार. Act of stepping out of worldly troubles and cares; entrance into the ascetic order. ठा० १०; क्खिमण न० (निष्क्रमण) सूर्य चंद्रनु तेना मांसमांथी हार नीलवु ते. सूर्य चंद्र का उसके मंडल में से बाहर निकलना. The coming out of the sun and moon out of their orbits or circles. सू०प०१३;(२) हीक्षा क्षेत्री. दीक्षा लेना entrance into the ascetic orders. नाया० १.५ ८; (३) धरमांथी महार नी ते घर में से बाहर निकलना act of coming out of the house; coming out of the house. आया०नि० १, १, ६, १५८; वेय० १, १०; - श्रभिमुद्द. त्रि० ( - अभिमुख ) दीक्षानी सन्मुग्म; दीक्षा सेवा तत्पर. दीक्षा के सन्मुख; दीक्षा लेने को तत्पर ready for or bent on initiation into the ascetic order. नाया ० ५; -- अभिसेय - श्र. पुं० (- श्रभिषेक) ीक्षान लिषे हीझानी ठिया दीक्षा का अभिषेक; दीक्षा की क्रिया. the ceremony of initiation into the ascetic order. भग० ६, ३३; नाया० ५ १६; - चरिय विद्ध न० ( - चरितनिबद्ध ) મહાવીર સ્વામી આદિ તીથ કરની દીક્ષા મહાત્સવ વગેરે દશ્ય બતાવનાર નટય વિધિ; ३२ नाटभांनु महावीर स्वामी आदि तीर्थकरके दीक्षा महोत्सव इत्यादि दृश्य दिखाने वाली नाट्य विधि; ३२ नाटकों में से एक. one of the 32 kinds of a drama; For Private Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.016014
Book TitleArdhamagadhi kosha Part 2
Original Sutra AuthorN/A
AuthorRatnachandra Maharaj
PublisherMotilal Banarasidas
Publication Year1988
Total Pages1016
LanguagePrakrit, Sanskrit, Hindi, Gujarati, English
ClassificationDictionary & Dictionary
File Size25 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy