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________________ sine श्री ताराचन्द जी सुपुत्र श्री सेवाराम जी के दो पुत्र थे। श्री उत्तमचन्द जी, श्री आशानन्द जी जिनका परिचय निम्न प्रकार है श्री उत्तमचन्द जी सिंगवी श्री उत्तमचन्द जी सिंगवी सुपुत्र श्री ताराचन्द जी का जन्म मुलतान मे हुआ था। आप सरल स्वभावी और जिनेन्द्र भक्ति के विशेष रसिक थे, आप गायन विद्या मे निपुण थे। प्रत्येक उत्सव, जुलूस, सभा आदि मे आपके भक्ति एव उपदेशक भजनो आदि से विशेष शोभा बढती तथा अच्छी धर्म-प्रभावना होती थी । आपकी धर्मपत्नी का नाम श्रीमती ठाकरी बाई है । आपके श्री शम्भुलाल जी एव भद्रकुमार जी दो पुत्र हैं। आपका निवास गोदीका भवन, घी वालो का रास्ता, जयपुर मे है । व्यवसाय उत्तमचन्द शम्भुलाल जैन, कलर मर्चेन्ट, कटला पुरोहित जी, जयपुर। आपका निधन दिनांक 7-10-78 को जयपुर में हुआ। श्री शम्भुकुमार जी __ आप श्री उत्तमचन्द जी के बडे पुत्र है । आप राजनैतिक कार्यकर्ता हैं, नगर परिषद जयपुर के सदस्य भी रह चुके है । आपकी धर्मपत्नी का नाम शीला देवी है । आपके राजेश व अशोक दो पुत्र हैं । आप अपने परिवार के साथ उपरोक्त संस्थान मे काम करते एव उसी मकान मे रहते है। श्री भद्रकुमार जी आप श्री उत्तमचन्द जी के द्वितीय पुत्र है। आप भी पिताजी की तरह गायन विद्या मे प्रवीण एव धर्मज्ञ व्यक्ति है । सामाजिक कार्य मे अच्छी रुचि है। हर धार्मिक उत्सवो । मे आपका प्रमुख भाग रहता है । समाज की कार्यकारिणी के सदस्य भी है । आपकी धर्मपत्नी का नाम प्रेमलता हैं, तीन पुत्रिया है। आप भी अपने परिवार के साथ रहते एव व्यवसाय करते हैं । निवास-भवरलाल गोदीका भवन, घी वालो का रास्ता, जयपुर। श्री आशानन्द जी सिंगवी - श्री आशानन्द जी श्री ताराचन्द जी के दूसरे पुत्र थे । इनका जन्म भी मुलतान मे हुआ था, पाकिस्तान ' बनने के बाद जयपुर आकर बस गये और अपना व्यवसाय करने लगे। आपकी धर्मपत्नी चॉदोवाई थी जिनका छोटी अवस्था मे ही मुलतान मे निधन हो गया था। आपकी एक मात्र पुत्री विमला देवी है । आपका सस्थान ताराचन्द आशानन्द जैन नेहरू वाजार, जयपुर मे है जिसको अब विमला देवी धर्मपत्नी श्री महेन्द्रकुमार जी ८. 134 ] • मुलतान दिगम्बर जैन समाज इतिहास के आलोक मे
SR No.010423
Book TitleMultan Digambar Jain Samaj Itihas ke Alok me
Original Sutra AuthorN/A
AuthorKasturchand Kasliwal
PublisherMultan Digambar Jain Samaj
Publication Year
Total Pages257
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size12 MB
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