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________________ (१६३) वाससयस्स अयं असीइमे संवच्छरे काले गच्छड्। एवं अग्गओ जाव सेयंसा ताव दठ्ठवं ॥ १८८ ॥ १८॥ मुनिसुव्रत से ११८४६८० वर्ष हुए. मल्लिनाथ से ६५८४६८० अरनाथ से १००० क्रोड ६५८४९८० वर्ष कल्पसूत्र लिखने के समय. कुंथुस्स णं अरहो जाव सव्वदुक्खप्पहीणस्म एगे चउभागपलिअोवमे विइकते, पंचसहि वाससयसहस्सा, सेसं जहा मल्लिस्स ॥ १८९ ॥ १७ ॥ . कुंथुनाथ से पल्योपम और अरनाथ का अंतर गिनलेना. संतिस्स णं अरहो जाव सव्वदुक्खप्पहीणस्स एगे चउभागूणे पलिवमे विइकते पनहि च, सेसं जहा मल्लिस्स ॥ १६० ॥ १६ ॥ · धम्मस्स णं अरहो जाव सम्बदुक्खप्पहीणस्स तिरिण सागरोवमाई विइकंताई, पन्नहि च, सेसं जहा मल्लि स्स ॥ १६१ ॥ १५ ॥ __अणंतस्स णं अरहो जाव सव्वदुक्खप्पहीणस्स सत्त सागरोवमाइं विइक्ताई पन्नहि च, सेसं जहा मल्लि स्स ।। १६२ ॥ १४॥ विमलस्स णं अरहो जाव सव्वदुक्खप्पहीणस्स सोलस सागरोवमाइं विइकताई, पन्नलिं च, सेस जहा मल्लि स्स ॥ १६३ ॥ १३ ॥ वासुपुज्जस्स णं अरहो जाव सव्वदुक्खप्पहीणस्स छायालीसं सागरावमाइं विइकंताई पन्नटिं, सेसं जहा मलिप्त ॥ १६४ ॥ १२ ॥
SR No.010391
Book TitleAgam 35 Chhed 02 Bruhatkalpa Sutra Bhashantar
Original Sutra AuthorN/A
AuthorManikmuni
PublisherSobhagmal Harkavat Ajmer
Publication Year1917
Total Pages245
LanguageHindi, Prakrit
ClassificationBook_Devnagari, Agam, Canon, & agam_kalpsutra
File Size12 MB
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