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________________ ४९८ ] दिगम्बर जैन साधु आयिका श्री राजमति माताजी ग्राम-अम्बा (मुरेना) उम्र-४० चालीस वर्ष दीक्षा-मुनि श्री १०८ सुमतिसागरजी महाराज से, [विशेष धर्म प्रभावना का वर्णन ] कोटा ( राजस्थान ) में जैन औषधालय व जैन पाठशाला का निर्माण सागर में वर्णी भवन की नींव डाली गयी। बाकल ( जबलपुर ) में पाठशाला खोली गयी। पांडिचेरी में नयी जमीन नया मन्दिरजी बनाने के लिए खरीद ली गयी है और शीघ्र ही नींव लगाने का कार्यक्रम है । वर्तमान में किराये के मकान में २ मन्दिरजी हैं। बालब्रह्मचारिणी आयिका श्री ज्ञानमती माताजी पद-आयिका श्री जन्म तिथि-चैत बदी ५ जन्म स्थान-पोशीना ( सावरकांठा ) गुजरात ' श्राविका अवस्था का नाम-कंचनबाई जैन पिता का नाम -श्री सांकलचंदजी माता का नाम-मणीबाई जैन आयिका दीक्षा-माघ सुदी ३ सं० २०३२ कीनसेली में श्री १०८ मुनि सुमतिसागरजी महाराज . से। . ." ...
SR No.010188
Book TitleDigambar Jain Sadhu Parichaya
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDharmchand Jain
PublisherDharmshrut Granthmala
Publication Year1985
Total Pages661
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size31 MB
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