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________________ जैसलमेरे- परिचय 7 जपताने के पश्चिमी भाग में जोधपुर से १४० मील से अधिक दूरी पर जैसलमेर क़स्बा है । जैसलमेर की राज्य की चौहद्दी इस प्रकार है:- उत्तर में बहावलपुर, उत्तर-पूर्व में बीकानेर, पश्चिम में सिन्ध, दक्षिण व पूर्व जोधपुर । जैसलमेर का राजकुल "यदुवंशी" राजपूत है । रावल जैसवाल ने जैसलमेर सन् ११५६ में बसाया था । यहाँ पर वर्षा बहुत कम होती है। पृथ्वी रेतीली और उजाड़ है । लोग वर्षात् के रक्खे हुये पानी से गुजारा करते हैं। जैसलमेर की आबो-हवा सूखी है। जैसलमेर नगर वार्मेर स्टेशन से ९० मील है। पहाड़ी पर बने हुये क़िले के अन्दर ८ जैन-मन्दिर हैं, जो अत्यन्त सुन्दर हैं । इसमें खुदाई का काम अच्छा है । कई मन्दिर १००० वर्ष पुराने हैं। श्री पारवनाथका मन्दिर अत्यन्त मनोज्ञ है; जिसको जैसिंह चोलाशाह ने सन् १३३२ में बनवाया था ।
SR No.010056
Book TitleRajputane ke Jain Veer
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAyodhyaprasad Goyaliya
PublisherHindi Vidyamandir Dehli
Publication Year1933
Total Pages377
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size12 MB
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