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________________ Shri Mahavir Jain Aradhana Kendra www.kobatirth.org Acharya Shri Kailassagarsuri Gyanmandir ( ९५) भक्ति कमने ज्ञानरे, संयम शक्ति वधे; शुद्ध आत्मो पयोगरे, साधन सत्य सधे. साधो० ॥ ४॥ उपचारिक धर्मज भलो, संयम रूपी सर्व; तेमां पण संय: मीजनो, करो न क्यारे गर्व. हठ धर्म निवारीरे, संयम सहेजे सजो; बुद्धिसागर प्रेमेरे, महावीर देव भजो. साधो ॥ ४ ॥ ॐ ही श्री. संयम लाभार्थ जलादिकं यजामहे स्वाहा ॥ सप्तम सत्यधर्म पूजा. द्रव्यभाव सापेक्षथी, सत्य असंख्य प्रकार; सत्य समो नहीं धर्म , सत्य ग्रहो नर नार. ॥१॥ सत्य वदोने आचरो, जैन धर्म के सत्य, प्राणांते नहि ठंडशो, सत्य धर्मनां कृत्य. ॥२॥ ज्ञानथकी साचुं ग्रहो, करो असत्यनो त्याग; पक्षपात बंडी करी, धरो सत्यनो राग. ॥३॥ तेजे तरणिथी वडोरे. ए राग. वीर प्रभुए भाखियोरे, सत्य धर्म जयकार; मिथ्या जूठने परिहरोरे, सत्य धरो श्राचार हो भवि For Private And Personal Use Only
SR No.008633
Book TitlePooja Sangraha Part 2
Original Sutra AuthorN/A
AuthorBuddhisagar
PublisherAdhyatma Gyan Prasarak Mandal
Publication Year1922
Total Pages417
LanguageGujarati
ClassificationBook_Gujarati, Ritual_text, & Ritual
File Size15 MB
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