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________________ ४४ श्रीबृहत् धारणायंत्र। साधक अक्षर--भ-१०। मध्य साध्य नाम । देयं मध्य - - - ___ < : 16 कुवर मध्यम | वेध नं० । साध्यजिनः । तारा । योनि , वर्ग : विशोपक | गणः | राशि । नाही. स्वकीयं | ८ । मौ च लभ्यं | मनुष्यः | मीन विरुध्धं १,३,५ | ज्यान । राक्षसः तुला ऋषभनाथ | अशुभ श्रेष्ठतर अजितनाथ शुभ संभवनाथ अशुभ मध्यम श्रेष्ठ । भवेष अभिनंदन सुमतिनाथ | अशुभ पद्मप्रभु भवेध सुपार्श्वनाथ शल चंद्रप्रभु सुविधिनाथ | अशुभ अशुभ श्रेष्ठतर शीतलनाथ स्वगया . वेध श्रेयांसनाथ मध्यम शुभ वासुपूज्य अशुभ अशुभ विमलनाथ स्वा वैर स्वगण : स्वराशि एक अनंतनाथ मध्यम धर्मनाथ । मध्यम ! वेध शांतिनाथ श्रेष्ठ कुंथुनाथ शुभ अरनाथ स्वराशिः मल्लिनाथ अशुभ मुनिसुव्रत नमिनाथ अशुभ नेमनाथ | अशुभ | पार्श्वनाथ २४ वर्धमान अशुभ "महावीरस्वामी राशि पतिः एकनाथ | वयोः नक्षत्र युजी मीन । गुरु : धन ब्राह्मण उ०भा० पश्रिम अशुभ अशुभ _ Toयम श्रेष्ठ कुवर कुवर सम वश्यं
SR No.008459
Book TitleBruhad Dharana Yantra
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDarshanvijay
PublisherCharitra Smarak Granthmala
Publication Year
Total Pages112
LanguageSanskrit
ClassificationBook_Devnagari & Karma
File Size2 MB
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