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________________ वीरत्तो, वीराओ, वीराउ, वीराहि, वीराहिंतो, वीरा स० वीरांस, वीरम्मि.. वीरे संबो० वीरो, (वीरे) वीर, वीरा दीरत्तो, वीराओ, वीराउ, वीराहि, वीरेहि, वीराहितो, वीरेहितो, वीरासुंतो, वीरेसुंतो. वीरेसु, वीरेसुं. वीरा. • वह ' ( वध ) शब्दनां रूपो ( वीर ' शब्दनी जेवां ज समजी लेवा. जे विशेष छे ते आ प्रमाणेः ता० च० वहाय, वहाइ, वहस्स ( एकवचन.) आर्षप्राकृतमा जे शब्दने ता० चतुर्थीनो सूचक · आए'. प्रत्यय लागेलो छे तेनुं रूप आ प्रमाणे छ: ता. च० मोक्ख-मोक्खाए, मोक्खाय, मोक्रवस्स ( एकवचन) ,, हिअय-हिअयाए हिअयाय, हिअयम्स , १ जूओ प्रकरण २, दीर्घस्वर-हस्वस्वर-१. २ जुओ प्रकरण ८, म=अनुस्वार--१२. ( टिप्पण) ३ जूओ सूत्रकृतांगसूत्र प्र. श्रु० तु. अ. तु० उ० गा० २१__"उवसग्गे नियामित्ता आमोक्रवाए परिव्वएज्जा'' इत्यादि, ४ जूओ आचारांगसूत्र प्र० श्रु० प्र० अ० उ. ६-' से बेमिः अप्पेगे अजिणाए, वहति, मंसाए * सोणियाए * एवं दिययाए " इत्यादि.
SR No.008425
Book TitlePrakrit Vyakarana
Original Sutra AuthorN/A
AuthorBechardas Doshi
PublisherGujarat Puratattva Mandir Ahmedabad
Publication Year1925
Total Pages456
LanguagePrakrit
ClassificationBook_Devnagari & Grammar
File Size5 MB
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