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________________ २२२ चतुर्थ उल्लास. रहे चेतन निज जावमां, तेह अलोकिक जेद ॥ उदर जरण हित कष्टते, केवल मिथ्या खेद ॥ ५ ॥ जे श्रुत अक्षर उलवे, करे कुमति मति जोर ॥ ज्ञानी तो तेहने गणे, करीने जिनमत चोर ॥ ६ ॥ छाने पेट ॥ आत्मा जे पोताना स्वभावमांज रमणता करे ते अलोकिक ( लोकोत्तर ) स्वरूप समजवु. रवाने माटेज जे कष्ट क्रिया करवी ते तो मात्र मिथ्या क्लेश उत्पन्न करवा जेवुं बे ॥ ५ ॥ जे कुमति पोतानी बुद्धिना बलथी श्रुत सिद्धांतनी एक पण अक्षर ठेलवे तेने ज्ञानी पुरुष तो जिन मतनो चोर गणे बे. ॥ ६ ॥ आण अखंडित जिन तणी, जेह अंजलि, ए जव पारावार ॥ ७ ॥ धरे नरनार ॥ थाये तेहने बाह्य खेल खेली करी, खेले अंतर खेल ॥ तेहने चंद नरिंद जेम, पसरे सुकृत वेल ॥ ८ ॥ अर्थ ॥ स्त्री पुरुषो जिनेश्वर जगवाननी श्रज्ञाने श्रखंरुपणे धारण करे बे, तेने या नवरूपी समुद्र अंजलि समान थ जाय बे ॥ ७ ॥ जे बाह्य क्रियाने करतां थकां अंतरक्रियाने पण साथे कर्या करे बे, तेने चंद राजानी जेम सुकृत रूपी वेल विस्तार पामी अनुपम फल मले बे. ॥ ८ ॥ चोथो चंद चरित्रनो, निसुणो जवि उल्लास ॥ थयो सकषाय रसालफल, एहनी लही मीठाश ॥ ए ॥ जेहवो चोथो धर्म बे, जेवो चोथो ध्यान ॥ तेम चोथा उल्लासमां, बे शिवदाइ ज्ञान ॥ १० ॥ ॥ हे व्य जनो ! चंद राजाना चरित्रनो चोथो उल्लास हवे सांजलो. एम जासे वे के एनी मीठाशनी पासे रसवाला आम्रवृनां फलोनी मीठाश पण कषायली थइ गइ || ए || जेवो चोथो मोहपुरुषार्थ वा जाव धर्म बे, जेवुं चोथुं शुक्ल ध्यान बे तेवुंज या चोथा उल्लासमां मोने आपनाएं ज्ञान बे १० नट नृप दाने हरखीयो, हरख्यो तेम विहंग ॥ वे गल श्रोता सुणो, उत्तम कथा प्रसंग ॥ ११ ॥ ॥ जेम राजाना दानथी शिवकुमर नट हर्ष पाम्यो, तेमज पक्षी पण हर्ष पाम्यो. हे श्रोताजनो ! हवे उत्तम कथानुं वर्णन ध्यान दइने सांजलो. ॥ ११ ॥ Jain Educationa International ॥ ढाल १ ली ॥ || लोहार जायो दी करो || लोहारी हो ॥ ए देशी ॥ शिवपुर पतिनी चागले, सोजागी हे ॥ गाये महा श्राख्यानके, लाल सोजागी हे ॥ तृण ग्रासी परे सांजले, ॥ सो० ॥ पुरवासी देइ कानके ॥ ला० ॥ १ ॥ देखी पिंजर चरिज धरे, सोनृपति सुता वली नूपके ॥ ला० ॥ बेहुने हृदय यावी वस्यो, सो० नख ति अनुपके ला० ॥२॥ For Personal and Private Use Only www.jainelibrary.org
SR No.005375
Book TitleChand Rajano Ras
Original Sutra AuthorN/A
AuthorShravak Bhimsinh Manek
PublisherShravak Bhimsinh Manek
Publication Year1905
Total Pages396
LanguageGujarati
ClassificationBook_Gujarati
File Size17 MB
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