Book Title: Vigyan ke Gyan ki Sima aur Atma ke Anant Gyan ka Mahattva
Author(s): Surendra Singh Pokharna
Publisher: Surendra Singh Pokharna
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Page #1 -------------------------------------------------------------------------- ________________ विज्ञानकेज्ञानकीसीमायेऔरऔरआत्माकेअनंतज्ञानकामहत्व सुरेन्द्रसिंहपोखरणा, भूतपूर्ववैज्ञानिक(भारतीयअंतरिक्षअनुसन्धानसंगठन) M.9825646519 इनदिनपुरेभारतमेंचातुर्मासकापर्वमनायाजारहाहैऔरवर्तमानसावनकेमाहमेंधार्मिकक्रियाओंकाविशेषमह त्वहै,जबलगभगसभीधर्मकेलोगत्यागऔरतपस्याकरतेहै|जैनधर्मकेअनुयायीपुरेचातुर्मासमेंकईधार्मिकक्रि याएँकरतेहै|जैनसाधुसाध्वीइनचारमहीनोतकएकहीशहरयागावमेंरहतेहैऔरउसेछोड़करकिसीदूसरेस्थानपर नहींजातेहैक्योंकिइनमहीनोभेवर्षाकेकारणकईप्रकारकेजीवोकीजानेअनजानेमेंहिंसाहोनेकीसंभावनारहती|जै नदर्शनकेअनुसारसभीजीवोकेअंदरएकहीआत्माहोतीहै,परन्तुहरजीवअलगप्रतीतहोताहैक्योंकिउनपरएकवि शेषप्रकारकापदार्थअलगअलगमात्रामेंचिपकारहताहैजिसकेकारणभिन्नभिन्नजीवअलगअलगनजरआतेहै। इसविशेषपदार्थकोजैनदर्शनमेंकर्मकहाजाताहै|क्योंकिसभीजीवोकीमूलआत्माएएकसामानहोतीहै,इसलिएजै नतीर्थंकरोनेहजारोसालपहलेउपदेशदिएहैकिकिसीभीमनुष्यकोकिसीअन्यजीवकोनहींमारनाचाहियेऔरनही उसेकिसीभीप्रकारकाकष्टपहचानाचाहये जैनधर्ममेंयहभीकहागयाहैकिकिसीभीजीवकामूलउसकीआत्माहै जोनकभीमरतीहैनकभीपैदाहोतीहै,वहएकजनमसेदूसरेजनममेंसिर्फएकशरीरकोछोड़करदूसरेशरीरकोधारण करतीहै|यहाभीबतायागयाहैकिएकशुद्धआत्मामेंअनंतज्ञान,अनंतदर्शन,अनंतसुखऔरअनंतशक्तिहोतीहै|ए कशुद्धआत्मामेंअनंतज्ञान,अनंतदर्शन,अनंतसुखऔरअनंतशक्तिहोतीहै| विज्ञानकेइसयुगमेंजबजबभोतिकप्रगतिअपनेसातवेआसमानपरहैतोप्रश्नपैदाउठताहैकिआजकेइसविज्ञान केयुगमेंइनसिद्धांतोऔरउपदेशोकिक्याउपादेयताहै विशेषकरजबविज्ञानकेक्षेत्रमेंरोजनयीनयीखोजेहोरहीहैत थासूचनाऔरज्ञानकेक्षेत्रमेंदिनदुनीरातचोगुनीवृधिहोरहीहैतोइतनेपुरानेसिद्धांतोऔरज्ञानकाकोईमहत्वरहजा ताहै|आएये,इसविषयपरकुछखुलेदिमागसेविचारकरे। गत२००वर्षोविज्ञानकेक्षेत्रमेंकईजबरदस्तखोजेहुईहैसेऔद्योगिकक्षेत्र,इलेक्ट्रोनिक्स,रेडियो,टेलीविजन,अ न्तरिक्षविज्ञान,आणविकविज्ञान,कृषिऔरबायोटेक्नोलोजीवगेरहाइनखोजोनेमानवजीवनकोलगभगपूर्णरूप सेपरिवर्तितकरदियाहैजिसकेकारणसमाजमेंनएमूल्योंकोप्रमुखतामिलरहीहैं इसकेसाथएकऔरबड़ीबातहुई वोयहकिलोगोकेमस्तिष्कमेंएकबातबैठगयीहैकिविज्ञानकाज्ञानहीसबकुछ हैऔरइसकेआलावाजोभीशानहैउ सकाकोईविशेषमहत्वनहींहै जबकिवास्तविकताबिलकुलठीकइससोचकेविपरीतहै।इसविषयपरचर्चाकरनेसे पहले,निम्नउदाहरणोंपरविचारकरनाजरुरीहै। Page #2 -------------------------------------------------------------------------- ________________ जबमहानविज्ञानिकअल्बर्ट आइंस्टीननेE=mc केसिद्धांतकीखोजकीतोउनकेमनवमस्तिष्कमेंउससमयशाय दयहबातरहीहोगीकिप्रकृतिकेसिद्धांतोकोऔरव्यवहारकोसमझाजाय,औरउनकोमानवजातिकेहितमेलगाया जायापरडसखोजकापताजबअमेरिका.सोवियतसंघऔरब्रिटेनकेराजनीतिज्ञोंकोलगातोउससमयविश्वयुद्धमें जापानकेकारण,इनदेशोकोहारकासामनाकरनापड़रहाथा इसलिएइनराजनीतिज्ञोंकेदिमागमेंजापानकोसबक सीखनेकेलिएइसखोजकाइस्तेमालकरनाचाहा तोउन्होंनेपरमाणुबमबनानेकाविचारकियाऔरबादमेंइसकाउ पयोगहिरोशिमाऔरनागासाकीपरकिया,जिनकेविनाशकेपरिणामसबजानतेहै।यहाँपरजबE=mc केसुत्रकि आइंस्टीननेखोजकीतोउससमयआइंस्टीनकेमस्तिष्कमेंक्याभावथेऔरउसीसत्रकेखोजलिएजानेपरअमेरि का,सोवियतसंघऔरब्रिटेनकेराजनीतिज्ञोंकेमस्तिष्कमेंक्याभावथे,उनकेअंतरऔरदोविभिन्नमनस्थितियो कोसमझनाअत्यधिकजरुरीहै। आईये,एकऔरउदहारणदियालियाजाय आजसेलगभगचालीसवर्षपहलेजबगेहकीउत्तमनस्लों(highyieldin gvarieties)कीखोजहुईथी,जोप्रयोगकियेगएथे,वेकुछछोटीछोटीक्यारियोंमेंकियेगएथकृषिविज्ञानिकोकापूरा ध्यानउत्पादनबढ़ानेपरथा|एकबारजबकुछअच्छीउत्तमगेहूकीनस्लोंकापतालगगया,तोसरकार,राजनीतिज्ञों औरबेंक्सनेमिलकरइसशोधकाउपयोगबड़ेक्षेत्रमेंकरनेकानिर्णयकिया,औरइसकार्यमेंलाखोकिसानोकोशामि लकियागया,जिन्होंनेइननस्लोंकाउपयोगकियाऔरजिसकेपरिणामकुछहीवर्षोमें आनेलगे|सरकार,जनता,बें क्सऔरकृषिवैज्ञानिकसबखुशहोगए परजैसेकुछऔरसमयव्यतीतहुआतोसबनेदेखाकी,इननस्लोंसेशुरूमेंतोउत्पादनअच्छाबढ़ापरबादमेंजाकरउ सीउत्पादनकोलेनेकेलिए,ज्यादारासायनिकखादोऔरकीटनासकदवाइयोंकाइस्तेमालकरनापड़ाऔरपानीकी मात्राभीज्यादालगनेलगी इनसबकाआखिकारपरिण केलाखोलोगोकेलाखोहेक्टेयरक्षेत्रोमेंमिटटी किउत्पादकताकमहोगयीऔरउसमेअम्ब्लियाऔरक्षारीयरसायनोकीमात्राबहुतज्यादाबढ़गयी जमीनकेपानी कास्तरअत्यधिकनीचेचलागया औरस्थितियहाँतकबिगड़ीकीऐसाअन्नखानेवालेलोगोकोकैंसरजैसेभयानक रोगोकाभीसामनाकरनापड़रहाहै। आइयेएकऔरउदाहरणलियाजाय आजकलमोबाइलऔरआईफ़ोनकाप्रचलनअत्यधिकबढ़गयाहै जिसव्य क्तिनेइसेपहले(जैसेकिश्रीमानस्टीवजॉब्स)नेबनानेकाविचारकियाथा,उन्होंनेशायदसोचाहोगाकिऐसेउपकर णसेलोगअपनेघरोमेंबैठेबैठे,अपनेसेदरबैठेमित्रोऔररिश्तेदारोसेआसानीसेसंपर्ककरपायेंगेवएकसरोकोतस्वीरेंतथावीडियोभीभेजपा एंगे पर उन्होंनेयहकभीभीनहींसोचाहोगाकिइनउपकरणोंकाउपयोगएकलतबनजायेगाऔरइनकेज्यादाइस्ते मालऔरनिर्भरतासेलोगोकिस्मृति(memory)काफीकमहोजाएगीकिजोलोगपहले२०५०फ़ोननंबरयादरखसकतेथे,वेअबदोचारनंबरभीमुश्किलसेयादरखपायेंगे आखिरएकऔरउदारहणलियाजायजबजिनेवामेंएकभीमकायlargehadroncollider(LHC)भौतिककणोके अध्ययनकेलिएबनायागयाऔरदोप्रोटॉनोंकोप्रकाशकेतल्यगतिप्रदानकरऔरउन्हीटकराकरकेईश्वरीयकण( Page #3 -------------------------------------------------------------------------- ________________ गॉडपार्टिकल)किखोजकिगयीतोपूरीदुनियानेविज्ञान औरउनवैज्ञानिकोकापूरीदुनियामेंनामहोगया,जोहोना भीचाहिए|परन्तुशायदकिसीनेयहनहीं सोचाकिइसभीमकायमशीन और अन्ययंत्रोकोबनानेमेंकितनेप्राकृतिक संसाधनोजैसेमिटटी,पानीऔरहवाकोदूषितकियागयाहोगा | और जैनधर्मके अनुसार, कितनेजीवोंकिहत्याहुईहो गी|तोजबयहकहाजाताहैकिऐसेप्रयोगोसेविज्ञानकेज्ञानमेंवृद्धिहोतीहै औरप्रकृतिकेनियमोकोसमझनेमेंसहाय तामिलतीहै|परअगरज्ञानकिबातकीजातीहैतोइसबातकाभीज्ञानहमेहोनाचाहिएकिड्सप्रयोगसेकितने किलो ग्राममिटटी,कितनेकिलोग्रामपानी औरकितनेकिलोलीटरहवादूषितहुईतथाभविष्यमेंइसका आमविश्वनागरि ककेस्वस्थ्यपरक्याप्रभावपड़ेगा इनसबउदाहरणोंमेंहमदेखते है किजबप्रयोगछोटेस्तरपरकियेजातेहैतोसभीवैज्ञानिकोकेभावबहुत अच्छे होते है औरऐसेप्रयोगोमेंचर(Variables) औरप्रचर (पैरामीटर्स) किसंख्यायेकाफीकमहोती है औरपरिणामश्रेष्टआते है | प रजबइन्हीप्रयोगोकोबड़ेस्तरपरलेजायाजाताहैतो अन्यचर (Variables) औरप्रचर (parameters) भी जुड़तेजातेहै| जैसेE=mc”केउदहारणमेंराजनीतिज्ञोंकेस्वार्थ औरदूसरेचर औरप्रचर, जोमुख्यखोजकेसमयगौणथे,परबादमें जाकरवेमहत्वपूर्णहोजातेहै|कृषिवैज्ञानिकजबछोटीछोटीक्यारियोंमेंप्रयोगकरतेहै,तोइनवैज्ञानिकोकीभावना एफसलकेउत्पादनबढ़ानेपर औरलोगोकाभलाकरनेकीहीरहतीहै| परन्तुरासायनिकखाद, कीटनासक औरपानी वगेरहऔरसाथमेंकिसानका ज्यादापैसाकमानेकाभाव, राजनीतिज्ञोंका औरउद्द्योगपतियोंकाज्यादापैसा और ज्यादाशक्तिहासिलकरनेवगेरहकेभाव, बादमें जुड़तेजातेहै| इसीतरहमोबाइलऔर आईफ़ोनकीउदाहरणमेंस्मृ तियाइसकेज्यादाइस्तेमालसेलतपढ़नेकाविचारभीशुरूमैनहींहोताहै| इसीतरह, जबहिग्ग्सबोसोनकीखोजकी लिएमशीनकीकल्पनाकीजातीहैतोपर्यावरणपरउसके प्रभावकाकोईध्याननहींरखाजाताहै| अगरविज्ञानकेविधिकाध्यानसे अध्ययनकरेतोपातेहैकिकिसी भीवैज्ञानिकप्रयोगकियोजनासबसेपहले किसी व्यक्तिकेमस्तिष्कमेंबनती हैतथाजोअंतिमपरिणाम आते हैउनसबकिव्याख्याअंततःव्यक्तिकेमस्तिष्कसेही होतीहै|तोमुख्यरूपसेजितनावैज्ञानिकज्ञानकाविकासऔरउनकी व्याख्याएहोतीहैउनसभीमेंमानवमस्तिष्क काहीसबसेमहत्वपूर्णयोगदानहोताहै| अगरमानवमस्तिष्ककीकार्यप्रणालीमें आत्माकोशामिलकियाजाए तो ससबप्रक्रियामेंमानवकीआत्माकाकुछनकुछयोगदानजरुरहोताहै| विज्ञानमेंमानवकेआत्माकीकल्पनाक्वांटमयांत्रिकीमें भीकीगयी है| प्रसिद्धक्वांटमयांत्रिकीकेवैज्ञानिक श्रीडेविड भोमकेअनुसारकोईभीक्वांटमकणजैसेकेड्कएलेक्ट्रोनलहरकीतरहयाकणकीतरहभीव्यवहारकरताहै। परकिस प्रयोगमेंवहलहरकीतरहयाकणकीतरहव्यवहारकरेगावहउसवैज्ञानिकके आत्माकीस्थितिपरनिर्भर करता है वहवैज्ञानिकउसकणकेकिसरूपकोदेखनाचाहता है, यानि अगरप्रयोगकणरूपदेखनेलिएकियाहैतोवहकणरूपदे खेगाऔरअगरवैज्ञानिकउसप्रयोगकोउसकेलहररूपकोदेखनेकेलिएकियाहैतोवहउसकेलहररूपकोहीदेखेगा|पू रादारोमदारप्रयोगकरनेवालेवैज्ञानिककी आत्माकीस्थितिपरनिर्भरकरताहै| परन्तुविज्ञानमेंआत्माकेविचारकीजरुरतप्रसिद्धवैज्ञानिकगोडेलकेदोअपूर्णप्रमेयो(twoincompletenesstheor ems)केबादसबसे ज्यादामहसूसकीजातीहै| सरलभाषामेंइनप्रमेयोकाअर्थयह है किमानव अपने किसीभीभाषाया Page #4 -------------------------------------------------------------------------- ________________ गणितकेफोर्मुलोयाकिसीभीशब्दावलीसेपूर्णसत्यऔरप्रकृतिकेवास्तविकअस्तित्वकोपूर्णरूपसेनहींसमझस कताहै|दुसरेप्रमेयकेअनुसारकोईभीवैज्ञानिकसिद्धांतअपनेआपमें पूर्णरूपसेसुसंगत(selfconsistent)नहींहोस कताहै विज्ञानकेसिद्धांतोकीइन्हीकमियोंकेकारणवैज्ञानिकगोडेलकोआत्माकेसिद्धांतकीजरुरतपड़ी|विज्ञानमें आत्माकेविचारकोशामिलकरनेकीजरुरतकईअन्यवैज्ञानिकोनेभीमहसूसकीहैजिनमेप्रसिद्धवैज्ञानिकआइज कएसिमोव,इपीविगनर,बीडीजोसेफसन,इल्याप्रिगोजिन,रोजरपेनरोसऔरइसीजीसुदर्शनभीशामिलहै। तोहमनेदेखाकिआजकिसतरहविज्ञानमेंआत्माजैसीएकसंज्ञाकीजरुरतहै।परआत्माकेविचारकीजितनीचर्चा औरव्याख्याएभारतीयदर्शनमेंउपलब्धहैउतनीकिसीभीदर्शनमेंनहींहै।लगभगसभीभारतीयदर्शनोंमेंआत्माको किसीभीजीवकामूलमानागयाहैतथासभीदर्शनमानतेहैकिज्ञानआत्माकासबसेबड़ागुणहै।जैनदर्शनकेअनुसार आत्माकेज्ञानकेपांचप्रकारहोतेहै,जैसेकि(१)मतिज्ञान,(२)श्रुतज्ञान,(३)अवधिज्ञान,(४)मनपर्यायज्ञानऔर(५) केवलज्ञान विज्ञानमेंअभीअवधिज्ञानऔरमनपर्यायज्ञानपरकाफीशोधेहुईहैपरसभीविरोधाभासोसेभरीहुईहै। यानिविज्ञाननेअभीतकअवधिज्ञानऔरमनपर्यायज्ञानकोकोईमान्यतानहींदीहै।परइससबचर्चासेएकबाततो बिलकुलस्पष्टहैकीआत्माकाज्ञानसबसेबड़ाज्ञानकास्त्रोतहैतथापूराभोतिकविज्ञानइसआत्माकेज्ञानकाएक छोटासाहिस्साहै। सुरेन्द्रसिंहपोखरणा,भूतपूर्ववैज्ञानिक(भारतीयअंतरिक्षअनुसन्धानसंगठन)M.9825646519